फर्रुखाबाद में अकीदत का सैलाब, रोशनी से नहाया शहर; 104 साल पुरानी परंपरा में गूंजा जुलूस-ए-मोहम्मदी

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फर्रुखाबाद। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को फर्रुखाबाद शहर ईद-मिलादुन्नबी की खुशियों में डूबा नजर आया। अकीदत, भाईचारे और आपसी सौहार्द के बीच शाम को जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। टाउनहॉल से शुरू हुए जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। सजे-धजे वाहनों, आकर्षक झांकियों और रोशनी से शहर का माहौल देखते ही बन रहा था।

शाम करीब छह बजे टाउनहॉल से शुरू हुआ जुलूस रात दस बजे के बाद तक शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरता रहा। करीब 30 से 35 सजे हुए वाहनों में आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। जुलूस जैसे-जैसे आगे बढ़ा, रास्ते में लोगों की भीड़ उमड़ती गई। रकाबगंज तिराहा, तिकोना चौकी, पक्का पुल और चौक बाजार समेत विभिन्न मार्गों पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। कई स्थानों पर फूल बरसाए गए। मुख्य बाजार रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते रहे, जबकि कुछ स्थानों पर आतिशबाजी ने भी माहौल में उत्साह भर दिया।

सुबह से ही मुस्लिम समाज के घरों में इबादत और कुरआनख्वानी का सिलसिला चलता रहा। लोगों ने कुरआन की तिलावत कर अमन-चैन और खुशहाली की दुआएं मांगीं। बच्चों में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। बच्चे हाथों में परचम लेकर जुलूस में शामिल हुए। कई परिवारों में इस अवसर पर विशेष पकवान भी तैयार किए गए।

104 साल से कायम है जुलूस की परंपरा

फर्रुखाबाद में ईद-मिलादुन्नबी के अवसर पर जुलूस निकालने की परंपरा करीब 104 वर्ष पुरानी बताई जाती है। वर्ष 1922 में पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिवस पर कार्यक्रम आयोजित करने के उद्देश्य से सीरत कमेटी का गठन किया गया था। इसके बाद से लगातार जुलूस और जलसे का आयोजन होता चला आ रहा है। पुरानी परंपरा आज भी लोगों की आस्था और उत्साह के साथ कायम है।

जुलूस के दौरान जगह-जगह तकरीरें भी हुईं। वक्ताओं ने अमन, भाईचारे, इंसानियत और जरूरतमंदों की मदद का संदेश दिया। भूखे लोगों को भोजन कराने, गरीबों की मदद करने और जरूरतमंदों को रोजगार उपलब्ध कराने जैसे सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

बिजली लाइनों के नीचे डीजे वाहनों पर चढ़ने से पुलिस ने रोका

जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। बिजली की लाइनों के नीचे कुछ लोग डीजे वाहनों पर खड़े होकर झंडे लहराते नजर आए तो पुलिस ने उन्हें तत्काल नीचे उतारा। पुलिस ने बिजली की लाइनों से हादसे की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दी।

अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि बारावफात के जुलूस को लेकर जिले के सभी थानों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में चार थानों का पुलिस फोर्स भी जुलूस के दौरान व्यवस्था संभालने में लगाया गया।

अमन, अकीदत और भाईचारे के संदेश के साथ निकला जुलूस देर रात अंजुमन स्कूल के पास पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान पूरे शहर में पर्व की रौनक और उल्लास देखने को मिला।

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