विद्यालय निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, बच्चों ने श्रमदान कर चमकाया परिसर

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याकूतगंज कंपोजिट विद्यालय में डीएम के निर्देश पर हुआ निरीक्षण, पढ़ाई और एमडीएम व्यवस्था मिली दुरुस्त; आंगनबाड़ी केंद्र में बिजली-पंखे और जरूरी संसाधनों का अभाव

फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी महोदया के निर्देश पर सोमवार, 24 अगस्त 2026 को कंपोजिट विद्यालय याकूतगंज का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था से लेकर बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों की मौजूदगी, मध्यान्ह भोजन, शौचालय, पेयजल, रसोईघर, साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, प्रकाश, पंखे, फर्नीचर और बच्चों के शैक्षणिक स्तर समेत विभिन्न व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की गई।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय में पठन-पाठन का वातावरण संतोषजनक पाया गया। बच्चों के लिए शौचालय, पेयजल व्यवस्था तथा मध्यान्ह भोजन योजना के तहत तैयार किया जा रहा पका भोजन भी ठीक मिला। बच्चों के राष्ट्रप्रेम और अनुशासन को भी परखा गया। निरीक्षण के दौरान जब बच्चों से ‘वंदे मातरम्’ सुनाने को कहा गया तो सभी बच्चों ने पूरा राष्ट्रगीत सुनाया। बच्चों की तैयारी देखकर निरीक्षण टीम ने उनकी सराहना की।

आंगनबाड़ी केंद्र में व्यवस्थाओं की कमी ने खींचा ध्यान

विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर मिली। केंद्र में अभी तक विद्युतीकरण नहीं हुआ है, जिसके चलते पंखे और ट्यूब लाइट जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। निरीक्षण में आंगनबाड़ी केंद्र में वजन मशीन और ब्लैकबोर्ड भी नहीं मिला। इससे केंद्र में बच्चों की गतिविधियों और शिक्षण संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर करने की जरूरत सामने आई।

कूड़े के रैपर देखकर बच्चों को दिया स्वच्छता का पाठ

निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर में बिस्किट, चिप्स, नमकीन आदि के रैपर सहित अन्य कूड़ा पड़ा मिला। इस पर बच्चों को केवल सफाई का उपदेश देने के बजाय उन्हें स्वयं स्वच्छता अभियान में शामिल किया गया। बच्चों के साथ श्रमदान कर परिसर में पड़े कूड़े को हटाया गया। इस दौरान बच्चों को साफ-सफाई का महत्व समझाते हुए विद्यालय परिसर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया।

निरीक्षण से जहां विद्यालय में पठन-पाठन, पेयजल और मध्यान्ह भोजन जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति संतोषजनक सामने आई, वहीं आंगनबाड़ी केंद्र में विद्युत और आवश्यक उपकरणों की कमी तथा परिसर में कूड़ा मिलने से संबंधित कमियां भी उजागर हुईं। निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालय की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाते हुए बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना रहा।

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