बालक हत्याकांड में न्याय मांगने निकले परिवार पर पुलिसिया सख्ती, थानाध्यक्ष निलंबित

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वीडियो बनाने पर मोबाइल छीने और डेटा डिलीट करने के आरोप से मचा हड़कंप, वायरल वीडियो के बाद एसपी ने की कार्रवाई

फर्रुखाबाद/जहानगंज। नौ माह पुराने बालक हत्याकांड का खुलासा न होने से परेशान पीड़ित परिवार जब मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाने निकला तो पुलिस की कार्रवाई ने पूरे मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया। परिवार को मुख्यमंत्री की सभा तक पहुंचने से रोकने, विरोध करने पर मारपीट करने तथा घटना का वीडियो बनाए जाने पर मोबाइल छीनकर उसका डेटा डिलीट किए जाने के आरोपों के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई हुई है। मामले में पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बुधवार रात जहानगंज थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी को निलंबित कर दिया।

मामला जहानगंज क्षेत्र के गांव कोरीखेड़ा का है। गांव निवासी चंद्र प्रकाश गुप्ता के 10 वर्षीय पुत्र आशुतोष गुप्ता का 10 दिसंबर 2025 को अपहरण कर लिया गया था। चार दिन बाद 14 दिसंबर को उसका शव आलू के खेत में पड़ा मिला। बालक की मां पूनम गुप्ता ने मामले में 11 लोगों के खिलाफ जहानगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। परिवार का आरोप है कि नौ माह बीतने के बाद भी पुलिस हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी है।

मुख्यमंत्री से मिलने जा रहा था परिवार, घर पहुंच गई पुलिस

तीन सितंबर को पुलिस लाइन मैदान में मुख्यमंत्री की सभा आयोजित थी। पीड़ित परिवार का कहना था कि वह मुख्यमंत्री के सामने अपने बेटे की हत्या का मामला रखकर न्याय की मांग करेगा। परिवार के सभा स्थल जाने की जानकारी पुलिस को मिली तो आरोप है कि जहानगंज थाना पुलिस कोरीखेड़ा पहुंच गई और परिवार को घर पर ही रोक दिया।

परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, जब बालक की ताई सुनीता गुप्ता ने उन्हें सभा स्थल जाने से रोकने का विरोध किया तो थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी ने उनके साथ मारपीट की और बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया। परिवार के सदस्यों ने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो आरोप है कि दो पुलिसकर्मियों ने बालक के भाइयों से मारपीट कर मोबाइल छीन लिए और उनमें मौजूद डेटा डिलीट कर दिया।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई पुलिस महकमे की बेचैनी

घटना के कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंचा। पीड़ित परिवार ने पुलिस के आला अधिकारियों के सामने भी अपनी शिकायत रखी और हत्याकांड के खुलासे के साथ-साथ कथित मारपीट में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।

मामले को लेकर पीड़ित परिवार की ओर से लगातार अधिकारियों से गुहार लगाए जाने के बीच बालक की बहन अंशिका गुप्ता और चाचा रामजीत ने 10 सितंबर को लखनऊ में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर न्याय की मांग की।

आला अधिकारियों तक पहुंची शिकायत, फिर हुई कार्रवाई

परिवार इससे पहले डीआईजी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी शिकायत कर चुका था। शिकायत में एक ओर नौ माह पुराने हत्याकांड का खुलासा कराने की मांग थी, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री से मिलने से रोकने और कथित मारपीट की घटना में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई थी।

लगातार सामने आ रही शिकायतों और वायरल वीडियो के बीच पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने जहानगंज थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी को निलंबित कर दिया। कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में भी मामला चर्चा का विषय बन गया है।

अब बड़ा सवाल यह है कि नौ माह से लंबित बालक हत्याकांड का खुलासा कब होगा और पीड़ित परिवार के साथ हुई कथित मारपीट की घटना में अन्य आरोपों की जांच किस निष्कर्ष तक पहुंचेगी। थानाध्यक्ष के निलंबन के बाद पीड़ित परिवार को हत्याकांड के खुलासे और न्याय की उम्मीद फिर जगी है।

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