हिंदी के शब्दों से सजी महफिल, तर्कों की जंग में नेहरू हाउस का डंका

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श्रुतलेख में नपी लेखनी, वाद-विवाद में गूंजे दमदार तर्क; ‘ऑनलाइन बनाम ऑफलाइन शिक्षा’ के फाइनल में नेहरू हाउस ने मारी बाजी

कायमगंज (फर्रुखाबाद)। पट्टिया लेन, कंपिल रोड स्थित किरण पब्लिक स्कूल में हिंदी दिवस विशेष सप्ताह के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने अपनी भाषाई दक्षता, लेखन क्षमता और तार्किक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के दूसरे दिन विद्यालय परिसर में कहीं कठिन शब्दों की शुद्ध वर्तनी लिखने की होड़ नजर आई तो कहीं हिंदी और अंग्रेजी भाषा के पक्ष-विपक्ष में विद्यार्थियों के बीच जोरदार तर्कों की जंग देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की मैनेजर श्रीमती कल्पना गंगवार ने किया।

कार्यक्रम के प्रथम चरण में श्रुतलेख प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता को तीन स्तरों—कनिष्ठ वर्ग, वरिष्ठ वर्ग एवं बालक वर्ग—में आयोजित किया गया। विद्यार्थियों के सामने मानक एवं वर्तनी की दृष्टि से कठिन शब्द बोलकर उनकी लेखन गति, एकाग्रता और शब्दों की शुद्धता को परखा गया। छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और हिंदी भाषा के प्रति अपनी मजबूत पकड़ का परिचय दिया।

इसके बाद विद्यालय के विभिन्न सदनों के बीच हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। प्रारंभिक मुकाबलों में ‘मातृभाषा हिंदी बनाम अंग्रेजी भाषा’ विषय पर विद्यार्थियों ने अपने-अपने पक्ष में प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए। पहले मुकाबले में सरोजिनी हाउस और कलाम हाउस आमने-सामने रहे, जिसमें सरोजिनी हाउस ने जीत हासिल कर अगले दौर में प्रवेश किया।

दूसरे मुकाबले में नेहरू हाउस और गांधी हाउस के बीच जोरदार बहस हुई। दोनों पक्षों के प्रतिभागियों ने अपनी बात को तथ्यों और तर्कों के साथ रखने का प्रयास किया, लेकिन प्रभावशाली प्रस्तुति के दम पर नेहरू हाउस ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस तरह सरोजिनी हाउस और नेहरू हाउस ने फाइनल में जगह बनाई।

फाइनल में ‘ऑनलाइन बनाम ऑफलाइन शिक्षा’ पर छिड़ी बहस

प्रतियोगिता का सबसे रोमांचक फाइनल मुकाबला सरोजिनी हाउस और नेहरू हाउस के बीच ‘ऑनलाइन शिक्षा बनाम ऑफलाइन शिक्षा’ विषय पर हुआ। फाइनल में विद्यार्थियों ने शिक्षा के दोनों माध्यमों की उपयोगिता, सुविधाओं और चुनौतियों को अपने-अपने तर्कों के माध्यम से सामने रखा।

नेहरू हाउस की ओर से अंजिता, उन्नति, नव्या, सक्षम और अनुराग ने ऑनलाइन शिक्षा के पक्ष में प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए। वहीं सरोजिनी हाउस की ओर से गौरी, वैष्णवी, प्रतीक्षा और अवनी ने ऑफलाइन शिक्षा के समर्थन में अपनी बात मजबूती से रखी।

फाइनल मुकाबले के दौरान विद्यार्थियों के बीच त्वरित जवाब और सटीक तर्कों का दौर चला। प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखकर अपनी वाक्पटुता और तार्किक क्षमता का प्रदर्शन किया। निर्णायक दौर में नेहरू हाउस के प्रतिभागियों के सटीक, प्रभावी और त्वरित तर्क निर्णायकों को प्रभावित करने में सफल रहे, जिसके बाद नेहरू हाउस को विजेता घोषित किया गया।

विद्यालय में आयोजित इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को केवल हिंदी भाषा के प्रति जागरूक करने का काम ही नहीं किया, बल्कि उनमें मंच पर अपनी बात रखने, सामने वाले के तर्क को समझने और तार्किक ढंग से उत्तर देने का आत्मविश्वास भी बढ़ाया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में हिंदी शिक्षक हरिद्वार द्विवेदी, शिक्षिका अंजू बाथम, अकादमिक एवं शैक्षिक गतिविधि प्रभारी विक्रान्त सिंह तथा अंजना जयन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

समापन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या राधिका नायर एवं कोऑर्डिनेटर जयन राजन ने सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों में भाषा के प्रति रुचि पैदा करने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व और अभिव्यक्ति क्षमता को भी निखारती हैं। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी तरह बढ़-चढ़कर सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया गया।

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