4-5 घंटे की अघोषित कटौती से शहर से गांव तक हाहाकार, दुकानों का कारोबार प्रभावित—अफसर बोले, घोषित कटौती रोकने की बनेगी योजना
फर्रुखाबाद/ भयंकर गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले करीब 15 दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती की शिकायतों के चलते उपभोक्ता परेशान हैं। रात के समय कई-कई घंटे बिजली गुल रहने से लोगों की नींद प्रभावित हो रही है, जबकि दिन में कटौती के कारण दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीण इलाकों में स्थिति यह बताई जा रही है कि रात के समय करीब चार से पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोग गर्मी में बेहाल हो जाते हैं। बिजली के अभाव में पंखे और कूलर बंद हो जाने से घरों में रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हो रही है।
दिन में बिजली गुल, दुकानदारों का कारोबार प्रभावित
ग्रामीण बाजारों में भी बिजली कटौती का असर दिखाई दे रहा है। बिजली पर निर्भर दुकानों और छोटे कारोबारियों के कामकाज पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि दिन में लंबे समय तक बिजली न मिलने से काम प्रभावित होता है और ग्राहकों को भी परेशानी होती है। लगातार कटौती से व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
पनकी से कोड मिलते ही बंद हो जाते हैं फीडर
ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के मुताबिक पनकी से कोड मिलते ही संबंधित उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती है और कई बार फीडर भी बंद कर दिए जाते हैं। इससे एक साथ कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गर्मी के इस दौर में बिजली कटौती ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
24 घंटे और 18 घंटे आपूर्ति के आदेश पर उठ रहे सवाल
शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित है। इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में लगातार बिजली कटौती की शिकायतें सामने आने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है, लेकिन बार-बार बिजली जाने से उनकी दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई है।
अफसर बोले—घोषित कटौती रोकने की होगी कोशिश
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता यादवेंद्र सिंह ने बताया कि उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक बिजली उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में घोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी कटौती को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन घोषित कटौती को रोककर उपभोक्ताओं को बेहतर आपूर्ति देने का प्रयास किया जाएगा।
अब ग्रामीण उपभोक्ताओं की नजर बिजली विभाग की इस योजना पर है। लोगों को उम्मीद है कि घोषित कटौती पर रोक लगने के बाद बिजली आपूर्ति में सुधार होगा और गर्मी के बीच उन्हें राहत मिल सकेगी।


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