फर्रुखाबाद में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे OYO होटलों पर प्रशासन का शिकंजा! नोटिस के बाद भी नहीं जागे संचालक, अब सीलिंग और जुर्माने की तैयारी

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पर्यटन विभाग की टीम ने कई होटल, गेस्ट हाउस और मैरिज हॉलों पर की छापेमारी; सराय अधिनियम के तहत पंजीकरण नहीं कराने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई, सुरक्षा मानकों की भी होगी जांच

फर्रुखाबाद। जनपद में बिना पंजीकरण होटल, गेस्ट हाउस और मैरिज हॉल संचालित करने वालों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। नियमों को दरकिनार कर कारोबार करने वाली इकाइयों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने ऐसे प्रतिष्ठानों के विरुद्ध अभियान शुरू कर दिया है। तहसील सदर क्षेत्र में पर्यटन विभाग की टीम ने विभिन्न होटलों और मैरिज हॉलों का निरीक्षण कर आवश्यक अभिलेखों की जांच की। विभाग की इस कार्रवाई से होटल संचालकों में हलचल मची हुई है।

जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. एम. मकबूल के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सराय अधिनियम, 1867 के तहत सभी संबंधित प्रतिष्ठानों का पंजीकरण सुनिश्चित कराना और निर्धारित नियमों का पालन कराना है। विभाग के मुताबिक, जिन प्रतिष्ठानों को पहले नोटिस जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पंजीकरण नहीं कराया या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए, उनके खिलाफ अब आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

नोटिस के बाद भी नहीं जमा किए कागजात, अब बढ़ सकती हैं मुश्किलें

पर्यटन विभाग की जांच के दायरे में शहर और आसपास के क्षेत्रों में संचालित कई होटल एवं बैंक्वेट हॉल आए हैं। निरीक्षण के दौरान मेजर एसडी सिंह डिग्री कॉलेज के पास स्थित ओयो ब्लू स्टार होटल, ओयो बिलीस होटल, फतेहगढ़ के महरुपुर सहजू स्थित ओयो स्काई होटल, सेंट्रल जेल रखा रोड स्थित ओयो होटल वेलकम, ओयो होटल रेड हार्ट इन, यश पैलेस और याकूतगंज स्थित आराध्या मैरिज हॉल की जांच की गई।

इन प्रतिष्ठानों में पंजीकरण और जरूरी दस्तावेजों की स्थिति को लेकर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के अनुसार पंजीकरण न कराने और नोटिस के बावजूद आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने वाले संचालकों के खिलाफ जुर्माना लगाने से लेकर प्रतिष्ठान सील करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, संबंधित प्रतिष्ठानों को सील किए जाने की कार्रवाई अभी प्रस्तावित है।

मेहमानों की सुरक्षा से समझौता नहीं, अग्निशमन व्यवस्था से लेकर नक्शे तक की होगी जांच

जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. एम. मकबूल ने स्पष्ट किया कि होटल और गेस्ट हाउस में ठहरने वाले लोगों तथा मैरिज हॉल में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने वाले मेहमानों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण के लिए निर्धारित मानकों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

नियमों के तहत संबंधित इकाइयों के पास अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था एवं आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी), सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत भवन का नक्शा, खाद्य सुरक्षा विभाग से संबंधित जरूरी अनुमति तथा चरित्र प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज होने चाहिए। इन मानकों को पूरा करने के बाद ही नियमानुसार पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

विभाग का कहना है कि केवल होटल खोलकर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर देना पर्याप्त नहीं है। संचालकों को संबंधित नियमों का पालन करते हुए आवश्यक अनुमतियां और पंजीकरण भी सुनिश्चित करना होगा।

नए प्रतिष्ठानों को मोहलत, लेकिन नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई तय

पर्यटन विभाग के अनुसार, हाल ही में शुरू हुई कुछ नई इकाइयों को नियमों के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय दिया गया है। हालांकि, निर्धारित समय के बाद भी यदि संबंधित संचालक आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान केवल तहसील सदर तक सीमित नहीं रहेगा। जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी होटल, गेस्ट हाउस और मैरिज हॉलों की जांच कराई जाएगी। अभियान के दौरान पंजीकरण की स्थिति, जरूरी अनुमतियों और सुरक्षा संबंधी मानकों की पड़ताल की जाएगी।

अब संचालकों को दिखाने होंगे जरूरी दस्तावेज

प्रशासन और पर्यटन विभाग की इस पहल के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों के सामने पंजीकरण और आवश्यक दस्तावेज पूरे करने की चुनौती है। जिन इकाइयों ने अब तक नियमों के तहत पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं, विभागीय जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल पर्यटन विभाग की कार्रवाई ने जिले में बिना पंजीकरण संचालित होटलों और मैरिज हॉलों को लेकर प्रशासन की गंभीरता साफ कर दी है। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद किन प्रतिष्ठानों के दस्तावेज पूरे पाए जाते हैं और किनके खिलाफ जुर्माना, सीलिंग या अन्य कानूनी कार्रवाई की नौबत आती है।

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