सीएमओ के सामने रखीं सात सूत्रीय मांगें, 11 अक्टूबर को कार्यालय घेराव की तैयारी—23 को लखनऊ में प्रदर्शन का ऐलान
फर्रुखाबाद/ सात सूत्रीय मांगों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं और संगिनियों का धरना लगातार छठे दिन भी जारी रहा। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर कार्यकर्ताओं में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। धरने पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया कि अब केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा, बल्कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
धरने की जानकारी मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय मौके पर पहुंचे और आशा कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने कार्यकर्ताओं की समस्याओं और सात सूत्रीय मांगों को विस्तार से सुना। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी परेशानियों और विभाग से जुड़ी मांगों को सीएमओ के सामने प्रमुखता से रखा।
गदनपुर की संगिनी जहांआरा ने आंदोलन की आगामी रणनीति से सीएमओ को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों को लेकर लंबे समय से ठोस कार्रवाई नहीं होने से कार्यकर्ताओं में आक्रोश है।
वैक्सीनेशन रोकने की चेतावनी
जहांआरा ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो बुधवार से जिलेभर में वैक्सीनेशन कार्य बंद करने का फैसला लिया जा सकता है। इस ऐलान से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि आंदोलन को मजबूरन इस स्तर तक ले जाना पड़ रहा है, क्योंकि लगातार मांग उठाने के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं।
11 अक्टूबर को सीएमओ कार्यालय पहुंचेंगी आशाएं
आंदोलन की अगली रणनीति के तहत 11 अक्टूबर को जिलेभर की आशा कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय पहुंचकर धरना देंगी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि इसके बाद भी यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश स्तर पर आंदोलन की तैयारी भी शुरू कर दी है। उनके मुताबिक 23 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यकर्ताओं का कहना है कि मांगों पर ठोस फैसला होने तक आंदोलन वापस लेने का सवाल ही नहीं है।
‘सिर्फ आश्वासन से नहीं मानेगा आंदोलन’
आशा कार्यकर्ता सरिता तिवारी ने कहा कि कार्यकर्ता लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रही हैं। अब केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं, सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने आशा कार्यकर्ताओं को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित स्तर पर कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया। फिलहाल बातचीत के बाद भी धरना समाप्त नहीं हुआ है।
आशा कार्यकर्ताओं के इस रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है। अब स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती यह है कि सात सूत्रीय मांगों को लेकर कोई ठोस समाधान निकाला जाए, जिससे वैक्सीनेशन समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर आंदोलन का असर न पड़े।


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