माता रानी के दरबार में उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़, सुरक्षा में चूक बर्दाश्त नहीं; शीतला देवी, मठिया देवी और गुरुगांव देवी मंदिर समेत प्रमुख स्थलों का अधिकारियों ने लिया जायजा
फर्रुखाबाद। शारदीय नवरात्रि और दशहरा पर्व को लेकर फर्रुखाबाद में तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। मंदिरों में माता रानी के जयकारों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से लेकर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश और भीड़ नियंत्रण तक कोई कमी न रह जाए, इसके लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने शनिवार शाम करीब 4:30 बजे शहर के प्रमुख मंदिरों और मेला स्थलों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर व्यवस्थाओं को परखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और श्रद्धालुओं की सुविधा तथा सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण से साफ है कि नवरात्रि और दशहरा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से ही तैयारियों को दुरुस्त करने पर ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों ने संबंधित जिम्मेदारों को निर्देशित किया कि पर्व शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंदिरों से मेला स्थलों तक डीएम-एसपी का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने शहर के शीतला देवी मंदिर, क्रिश्चियन कॉलेज ग्राउंड, मठिया देवी मंदिर और गुरुगांव देवी मंदिर पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंदिर परिसरों और मेला स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा इंतजामों तथा मूलभूत सुविधाओं को लेकर जानकारी ली।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों और मंदिर प्रबंधन को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय रहते दुरुस्त कर ली जाएं। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ को व्यवस्थित रखने, आवागमन सुचारु बनाने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से पर्याप्त इंतजाम करना जरूरी है।
भीड़ बढ़ी तो कैसे संभलेगी व्यवस्था? बैरिकेडिंग और पुलिस तैनाती पर जोर
नवरात्रि के दौरान प्रमुख देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए, जिससे दर्शनार्थियों की आवाजाही व्यवस्थित रहे और भीड़ एक जगह एकत्र होकर अव्यवस्था की स्थिति पैदा न करे।
इसके साथ ही पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों का उद्देश्य है कि श्रद्धालु शांतिपूर्वक दर्शन कर सकें और मेला स्थलों पर आने-जाने वाले लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। पर्व के दौरान संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर भी ध्यान दिया गया।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष नजर, सीसीटीवी फुटेज में सहयोग की अपील
पर्व के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन गंभीर नजर आया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने व्यापारियों से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने में सहयोग मांगा। विशेष रूप से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और जरूरत पड़ने पर फुटेज उपलब्ध कराने में सहयोग करने की अपील की गई।
सीसीटीवी कैमरे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और किसी घटना की स्थिति में जरूरी जानकारी जुटाने में सहायक हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय पर जोर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में संबंधित विभागों, व्यापारियों और मंदिर प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
सफाई से लेकर पेयजल तक की व्यवस्था पर प्रशासन का फोकस
निरीक्षण के दौरान मंदिरों और मेला स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कूड़ेदान लगाने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा आवागमन में बाधा पैदा करने वाले आवारा पशुओं को हटाने के लिए भी संबंधित जिम्मेदारों को निर्देशित किया गया। पर्व के दौरान मंदिर परिसरों और आसपास के रास्तों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में सफाई, प्रकाश और रास्तों को व्यवस्थित रखना श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है।
प्रशासन की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के दौरान मूलभूत सुविधाओं की कमी न हो और धार्मिक आयोजनों का माहौल शांतिपूर्ण बना रहे।
गुरुगांव देवी मंदिर में रविवार सुबह छह बजे खुलेंगे कपाट, महाआरती के साथ शुरू होंगे दर्शन
नवरात्रि को लेकर गुरुगांव देवी मंदिर में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर के पुजारी के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन रविवार सुबह छह बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद माता रानी की महाआरती होगी और भक्त दर्शन-पूजन कर सकेंगे।
पुजारी के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। अष्टमी के अवसर पर यहां विशेष और विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसे देखते हुए मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
नवरात्रि के पहले दिन से ही भक्तों की भीड़ बढ़ने की संभावना है। ऐसे में दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
बढ़पुर देवी मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से होगा जगमग, सजावट का काम तेज
नवरात्रि के स्वागत में बढ़पुर देवी मंदिर में भी तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। शनिवार शाम तक मंदिर परिसर में लाइटिंग लगाने और झूमर सजाने का काम जारी रहा। मंदिर के मुख्य द्वार को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया जा रहा है, जबकि परिसर को आकर्षक रोशनी से जगमग करने की तैयारी की जा रही है।
पर्व नजदीक आते ही मंदिरों में सजावट और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम तेज हो गया है। श्रद्धालुओं में भी नवरात्रि को लेकर उत्साह दिखाई देने लगा है। माता रानी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला बढ़ने की उम्मीद है।
निरीक्षण में कई अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पर्व से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासन की अग्निपरीक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती
शारदीय नवरात्रि और दशहरा के दौरान फर्रुखाबाद के प्रमुख मंदिरों तथा मेला स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित रखने, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी रहेगी।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निरीक्षण के बाद अब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि दिए गए निर्देशों को समय से अमल में लाया जाए। बैरिकेडिंग, पुलिस तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की तैयारियां व्यवस्थित रहने पर श्रद्धालुओं को काफी राहत मिल सकती है।
फिलहाल, माता रानी के स्वागत में मंदिर सज रहे हैं और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में जुटा है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है नवरात्रि के शुभारंभ का, जब मंदिरों में जय माता दी के जयकारों के बीच भक्ति और आस्था का रंग देखने को मिलेगा।


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