अमृतपुर तहसील में उठी निष्पक्ष जांच की मांग, शनिवार को सुबह 10 से शाम 4 बजे तक धरने का ऐलान
अमृतपुर। सोहावल तहसील में तैनात लेखपाल उत्कर्ष दीप की एंटी करप्शन टीम द्वारा 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद लेखपालों का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को अमृतपुर तहसील में लेखपालों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
लेखपाल संघ ने कार्रवाई पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मामले से जुड़े सामने आए वीडियो की परिस्थितियों को भी जांच में शामिल किया जाना चाहिए। संघ अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने कहा कि संगठन भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करता, लेकिन यदि किसी कर्मचारी के साथ गलत कार्रवाई हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि तथ्यों की पूरी पड़ताल के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।
शनिवार को थाना दिवस के बहिष्कार का ऐलान
विरोध को आगे बढ़ाते हुए लेखपाल संघ ने शनिवार को संपूर्ण थाना दिवस के बहिष्कार का ऐलान किया है। लेखपालों के मुताबिक सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक तहसील परिसर में शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। इस दौरान लेखपाल अपनी मांगों और प्रकरण की निष्पक्ष जांच को लेकर आवाज बुलंद करेंगे।
शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर में विरोध का असर साफ दिखाई दिया। हालांकि, जहां कुछ लेखपाल काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते नजर आए, वहीं दूसरी ओर कुछ लेखपाल नियमित सरकारी कार्य भी करते रहे।
अब लेखपालों के विरोध और थाना दिवस के बहिष्कार के ऐलान के बाद प्रशासन की भूमिका पर नजरें टिक गई हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में लेखपाल संघ की मांग पर क्या कदम उठाता है और कथित रिश्वत प्रकरण की जांच को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है।
लेखपालों का साफ संदेश—भ्रष्टाचार पर कार्रवाई हो, लेकिन किसी कर्मचारी के साथ अन्याय भी न हो; निष्पक्ष जांच तक विरोध जारी रहेगा।


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