गंगा का रौद्र रूप! खतरे के निशान पर पहुंची नदी, तीन मकान समाए; गांवों में दहशत, स्कूल पर भी मंडराया संकट

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फर्रुखाबाद। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ जिले में कटान ने भी विकराल रूप धारण कर लिया है। सदर तहसील क्षेत्र के दौली की मड़ैया गांव में तेज बहाव के चलते एक के बाद एक तीन मकान गंगा की धारा में समा गए। रामसरन, उनके पुत्र अवधेश और मनोज के मकान देखते ही देखते नदी की तेज धार की चपेट में आ गए। मकानों के बाद अहाते की दीवार भी कटान का शिकार हो गई। अचानक बढ़े खतरे से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

बताया जा रहा है कि गंगा की धारा अब पूर्व दिशा की ओर मुड़कर करीब 200 मीटर दूर बसे गांव की तरफ बढ़ रही है। कटान की रफ्तार इतनी तेज है कि पिछले कुछ दिनों में कई मकान इसकी जद में आ चुके हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ ग्रामीणों के सामने अपने घर, सामान और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। खतरे को देखते हुए दो पशुओं को नाव की मदद से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।

कटरी तौफीक में भी कटान ने बढ़ाई मुश्किलें

शमसाबाद क्षेत्र के कटरी तौफीक गांव में भी गंगा का कटान लगातार जारी है। बुधवार को नदी का पानी मकानों की दीवारों तक पहुंच गया। हालात बिगड़ते देख गंगा सिंह, बृजमोहन और छविराम समेत तीन ग्रामीणों ने अपने मकानों को स्वयं तोड़ना शुरू कर दिया, ताकि घर का सामान और उपयोगी सामग्री सुरक्षित निकाली जा सके।

कटरी तौफीक गांव गंगा के कटान की मार पहले भी झेल चुका है। लगातार कटान के चलते गांव कई वर्षों में चार छोटे-छोटे हिस्सों में बंट गया। करीब 50 परिवारों के सामने लंबे समय से विस्थापन का संकट बना हुआ है। कई ग्रामीण अपने मकान खुद तोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं, जबकि कई घर गंगा की धारा में विलीन हो चुके हैं।

अब विद्यालय पर मंडराया खतरा

कटान की लगातार बढ़ती रफ्तार के बीच ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता गांव का विद्यालय है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गंगा की धारा इसी गति से कटान करती रही तो विद्यालय भी इसकी चपेट में आ सकता है। गांव में अब गिने-चुने परिवार ही रह गए हैं और उन्हें हर दिन अपने घर तथा सामान की सुरक्षा की चिंता सता रही है।

137.10 मीटर पर पहुंचा गंगा का जलस्तर

गंगा का जलस्तर बढ़कर 137.10 मीटर, यानी खतरे के निशान तक पहुंच गया है। एक ओर नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है तो दूसरी ओर तेज कटान ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है। नदी के बदलते रुख और लगातार हो रहे कटान से ग्रामीणों में भय का माहौल है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने, कटान प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और भविष्य में कटान की समस्या से स्थायी निजात दिलाने की मांग की है। अब देखना होगा कि बढ़ते जलस्तर और गंगा के आक्रामक रुख के बीच प्रशासन ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाता है।

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