गरीबों के मसीहा के नाम से चर्चित हर जगह से निराश नेत्र रोगियों की आंखों में नूर भरने वाले डॉ महेंद्र गुप्ता कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से हैं सम्मानित जनपद फर्रुखाबाद की सरजमी पर जन्म लेने वाला एक ऐसा शख्स जो अपने नाम से नहीं बल्कि अपने काम से जाना जाता है जिसने वास्तविक रूप में तन मन धन को समर्पित करते हुए नर सेवा नारायण सेवा को चरितार्थ किया है वो कोई और नहीं बल्कि कस्बा कायमगंज के महिंद्रा आंख व कान के अस्पताल जटवारा रोड के मलिक वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ प्रमुख समाज सेवी डॉक्टर महेंद्र गुप्ता है डॉक्टर महेंद्र गुप्ता ने अभी तक हजारों लोगों की आंखों को देखने लायक बना दिया उनकी दुनिया में कितनी खुशियों के रंग भर गए होंगे जिनकी आंखें चली गई हो इसकी कल्पना करके ही खुशियों का एहसास होता है डॉ महेंद्र गुप्ता ने प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर कायमगंज से प्रारंभ की एस एन एम इंटर कॉलेज से इंटर करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए आगरा चले गए आगरा कॉलेज आगरा से उन्होंने उस बीएससी एमएससी करने के बाद केमिस्ट्री से पीएचडी की डिग्री हासिल की उनके गुरु सूरदास स्वामी शिवानंद जी महाराज ने अंधत्व से पीड़ित लोगों की निस्वार्थ सेवा करने का डॉ महेंद्र को संकल्प दिलाया अंधतव से पीड़ित लोगों की सेवा करने के लिए उन्होंने आंखों से संबंधित नेत्र चिकित्सा की पढ़ाई डॉ राजेंद्र प्रसाद रोहतगी आप्थाल्मिक रिसर्च एजुकेशन सेंटर कानपुर से की कानपुर में नेत्र चिकित्सा की पढ़ाई करने के बाद डॉक्टर महेंद्र ने आगे की शिक्षा हैदराबाद एलबी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट हैदराबाद में की जहां उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल करते हुए नेत्र रोगियों की सेवा की डॉक्टर महेंद्र ने जानकी आई कुंड चित्रकूट में भी अपनी नेत्र सेवाएं दी कायमगंज की सर जमी पर रोज सूरज निकलता है लेकिन तमाम लोग ऐसे हैं जो सूरज की रोशनी में भी दुनिया को नहीं देख सकते उन्हें आप नेत्रहीन सूरदास अंध कम ज्योती वाला या किसी भी दूसरे शब्दों से संबोधित करते हैं आपका संबोधन कभी उन्हें आहत करता है और कभी बेचारगी का एहसास कराता है इन सभी के बीच इस सर जमी पर एक ऐसा इंसान भी है जो अपने कामों से देवदूत बन गया है वह देवदूत अंधे लोगों की आंखों में रोशनी भरने का काम कर रहा है जो अपने नाम से नहीं बल्कि अपने काम से जाना जाता है उसे शख्सियत का नाम है डॉक्टर महेंद्र गुप्ता जो हमेशा गरीब बेसहारा की मदद के लिए दिन रात लगे रहते हैं चाहे वह किसी गरीब कन्या की शादी करना हो चाहे किसी का टूटा फूटा घर बनवाना हो बाढ़ पीड़ितों की सहायता करना हो गौ सेवा हो घायल गायों का इलाज करना हो या वह कोरोना काल रहा हो जिसमें उन्होंने अपनी जान पर खेल कर हजारों लोगों की जान बचाई। भीषण गर्मी में भी उनका अमृत रूप शीतल से जल सेवा रथ लोगों की प्यास बुझा रहा है डॉ महेंद्र गुप्ता को निस्वार्थ जन सेवाओं के लिए देश के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम सहित माननीय प्रधानमंत्री मोदी पुरस्कार उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा पुरस्कार स्वास्थ्य मंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा पुरस्कार कई सांसद विधायक एवं कई वरिष्ठ मंत्रियों, कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा डॉक्टर महेंद्र को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जा चुका है। डॉ महेंद्र गुप्ता का कहना है कि जब तक जीवन है सांस में सांस है तब तक हमारी निस्वार्थ सेवाएं सभी के लिए समर्पित है और हमेशा रहेंगी


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