मिशन शक्ति के दावों के बीच न्याय की तलाश में भटकती महिला! कायमगंज में जेठ-जेठानी पर मारपीट व कुंडल छीनने का आरोप

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पीड़िता का दावा—गांव में दबंगई से सहमा परिवार, 8 माह से घर छोड़कर मड़ैया में गुजर-बसर; थाने से अफसरों तक लगाई गुहार

फर्रुखाबाद/कायमगंज। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए जिले में मिशन शक्ति अभियान चलाए जाने के बीच कायमगंज कोतवाली क्षेत्र से एक महिला ने पुलिस और प्रशासन के सामने गंभीर आरोप लगाकर न्याय की गुहार लगाई है। जौरा गांव निवासी महिला ने अपने जेठ-जेठानी और भतीजे पर मारपीट, गाली-गलौज तथा सोने का कुंडल छीनने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि लगातार विवाद और कथित दबंगई के चलते उसका परिवार लंबे समय से परेशान है और करीब आठ माह से गांव के बाहर मड़ैया में रहने को मजबूर है।

पीड़िता द्वारा पुलिस अधिकारियों को दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक, 16 सितंबर 2026 की सुबह करीब छह बजे वह गांव में सामान लेने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान परिवार के लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। महिला का कहना है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसके कान का सोने का कुंडल भी खींच लिया गया।

शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि विवाद के बाद उसने मामले की जानकारी अपने पति को दी। इसके बाद पति द्वारा भी संबंधित लोगों से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन मामला शांत होने के बजाय विवाद और बढ़ गया। पीड़िता का आरोप है कि उसे और उसके पति को लगातार परेशान किया जा रहा है तथा धमकियां दी जाती हैं।

महिला ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंची तो कथित रूप से उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और शिकायत करने पर झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी तक दी गई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि मामले में कार्रवाई के लिए पुलिस स्तर पर रिश्वत दिए जाने की बात सामने आई, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

शिकायती पत्र में महिला ने बताया कि वह और उसका पति काफी समय से विवाद के कारण परेशान हैं। आरोप है कि करीब आठ माह से परिवार गांव के बाहर मड़ैया में रहकर जीवन गुजार रहा है। महिला का कहना है कि जब भी वह अपने घर जाने का प्रयास करती है तो कथित आरोपी उसे मारपीट कर वहां से भगा देते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं।

पीड़िता के मुताबिक, मामले को लेकर उसने पहले भी पुलिस से शिकायत की, लेकिन उसे अपेक्षित राहत नहीं मिली। इसके बाद वह पुलिस क्षेत्राधिकारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंची और पूरे मामले की शिकायत कर न्याय, सुरक्षा तथा आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

मिशन शक्ति के बीच उठे सवाल

महिला की शिकायत सामने आने के बाद सवाल यह है कि जब महिलाओं की सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति अभियान लगातार चलाया जा रहा है, तो ग्रामीण क्षेत्र की एक महिला को अपनी शिकायत लेकर बार-बार पुलिस और अधिकारियों की चौखट तक क्यों पहुंचना पड़ रहा है। यदि पीड़िता के आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में जिम्मेदार लोगों के साथ-साथ शिकायत पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने वालों की भूमिका की भी जांच जरूरी होगी।

अब देखना यह है कि पुलिस-प्रशासन इस शिकायती पत्र का संज्ञान लेकर मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़िता को सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए क्या कार्रवाई करता है। आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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