चिंतामणि तालाब ने ली बी-फार्मा छात्र की जान: सुरक्षा इंतजामों की कमी पर उठे सवाल, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

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फर्रुखाबाद/शमशाबाद।
शमशाबाद थाना क्षेत्र के नगला नान स्थित प्राचीन चिंतामणि तालाब में दोपहर हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। तालाब में स्नान करने गए 20 वर्षीय बी-फार्मा छात्र अंकित यादव की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। अंकित अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, वहीं ग्रामीणों ने तालाब पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

जानकारी के अनुसार, थाना नवाबगंज क्षेत्र के गांव कांधे मई मिलकिया निवासी शिक्षामित्र मुलायम सिंह का पुत्र अंकित यादव अपने चाचा निखिल यादव और चचेरे भाई कुशल के साथ चिंतामणि तालाब में स्नान करने गया था। तीनों पानी में नहा रहे थे कि अचानक अंकित गहरे हिस्से में पहुंच गया। जब तक साथी कुछ समझ पाते, वह पानी में डूबने लगा। उसकी चीख सुनकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

मौके पर मौजूद नगला नान गांव के छोटे पाठक, अनुज अवस्थी और राजीव अवस्थी बिना देर किए तालाब में कूद पड़े। ग्रामीणों ने करीब दस मिनट तक लगातार खोजबीन और प्रयास के बाद अंकित को बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उसे तत्काल उपचार दिलाने की कोशिश की गई, पर उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही शमशाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मंगलवार सुबह गमगीन माहौल में अंकित का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

अंकित बी-फार्मा का छात्र था और पढ़ाई पूरी कर फार्मासिस्ट बनकर अपने परिवार का सहारा बनने का सपना देख रहा था। उसके असामयिक निधन से मां सुमन देवी, पिता मुलायम सिंह तथा बहनों सालनी और एकता का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है।

ग्रामीणों का कहना है कि चिंतामणि तालाब पर अक्सर लोग स्नान करने आते हैं, लेकिन यहां न तो किसी प्रकार के चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही गहरे पानी वाले हिस्से को चिन्हित किया गया है। सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, लाइफ बॉय, रस्सी या अन्य बचाव संसाधनों का भी अभाव है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।

क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि तालाब जैसे संवेदनशील स्थानों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। गहरे जलाशयों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, खतरनाक हिस्सों की बैरिकेडिंग कराई जाए और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर समय-समय पर पुलिस गश्त व निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

थाना प्रभारी सचिन चौधरी ने बताया कि परिजनों की इच्छा के अनुरूप आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया गया है।

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