आलू का भाव, खाद की कालाबाजारी और बंद फैक्ट्री पर किसानों का फूटा गुस्सा, कलेक्ट्रेट में गरजी आवाज

भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, पितौरा की बंद फल प्रसंस्करण फैक्ट्री शुरू कराने से लेकर दिन में 7-8 घंटे बिजली देने तक उठीं कई मांगें

फर्रुखाबाद। किसानों की समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर बुधवार को फर्रुखाबाद कलेक्ट्रेट परिसर में भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए शासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। धरने के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।

किसानों ने कहा कि जिले में आलू की खेती बड़े पैमाने पर होती है, लेकिन किसानों को उत्पादन के बाद उचित बाजार और प्रसंस्करण की सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कायमगंज क्षेत्र के पितौरा में लंबे समय से बंद पड़ी फल प्रसंस्करण फैक्ट्री को दोबारा चालू कराने की मांग प्रमुखता से उठाई। किसानों का कहना था कि फैक्ट्री शुरू होने से स्थानीय स्तर पर कृषि उपज के प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपनी फसल के लिए बेहतर बाजार मिल सकेगा।

आलू आधारित उद्योग लगाने और भावांतर अनुदान की मांग

धरने में आलू किसानों की समस्याएं भी जोर-शोर से उठीं। किसानों ने जिले में आलू आधारित नए उद्योग स्थापित करने, आलू भंडारण का किराया पूरे प्रदेश में एक समान करने तथा किसानों को भावांतर अनुदान उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों का कहना था कि आलू की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर उनकी आमदनी पर पड़ता है, ऐसे में सरकार को किसानों को राहत देने के लिए ठोस व्यवस्था करनी चाहिए।

खाद की कालाबाजारी पर लगे लगाम

किसानों ने खाद की उपलब्धता और कथित कालाबाजारी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि फसल की बुवाई शुरू होने से पहले ही डीएपी, एनकेपी और यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़े। साथ ही खाद की मुनाफाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।

दिन में बिजली और चीनी मिल के विस्तार की मांग

सिंचाई के लिए किसानों ने दिन के समय लगातार 7 से 8 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग रखी। किसानों का कहना था कि पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से सिंचाई प्रभावित होती है और खेती की लागत भी बढ़ती है। इसके अलावा सरकारी चीनी मिल की पुरानी मशीनों को बदलकर उसका आधुनिकीकरण और विस्तार कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान प्रोत्साहन योजना’ की मांग

किसानों ने प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान प्रोत्साहन योजना’ लागू किए जाने की भी मांग की। उनका कहना था कि खेती से जुड़े खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, इसलिए किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सरकार को अतिरिक्त सहायता की व्यवस्था करनी चाहिए।

दोपहर करीब दो बजे तक चले धरने में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। धरने का नेतृत्व भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष सुरजीत सिंह कटियार ने किया। इस दौरान अमर सिंह राजपूत, महावीर श्रीवास्तव, प्रांतीय संगठन मंत्री कमलेश, कुमार सिंह राणा सहित संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। अंत में किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

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