रामगंगा ने दिखाया रौद्र रूप: खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा पानी, 30 गांवों में बाढ़ का कहर

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संपर्क मार्ग जलमग्न, खेतों में खड़ी फसलें डूबीं; बिचपुरिया में कटान शुरू, सड़क पर लग रहा बाजार

फर्रुखाबाद/अमृतपुर। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में गंगा और रामगंगा की बाढ़ ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए इस सीजन के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुका है। नदी का पानी खतरे के निशान से करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचने के बाद आसपास के गांवों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। करीब 30 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि कई संपर्क मार्गों पर पानी बहने से आवागमन प्रभावित हो गया है।

रामगंगा का बढ़ता जलस्तर अब गांवों के साथ-साथ खेतों और संपर्क मार्गों तक पहुंच गया है। गुलरिया भावन, पुत्तू वाला गुड़ेरा, नीचे वाला चपरा, वजीरपुर, नौअनपुरवा, कड़हर, बांकेपुरवा, कुंवरपुरा, नवादा और भुढ़िया समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। इसके अलावा चिड़िया महोलिया, अलादपुर भटौली, रेगापुर, खरगपुर, राई, सीढ़ेचकरपुर, नौसारा, नाहरैया, बेचेपट्टी और सिकंदरपुर समेत करीब 30 गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं।

संपर्क मार्गों पर पानी, गांवों का आवागमन प्रभावित

बाढ़ का पानी अब प्रमुख संपर्क मार्गों पर भी बह रहा है। अमैयापुर पुलिया, कड़हर-अर्जुनपुर संपर्क मार्ग, बिचपुरी, वजीरपुर संपर्क मार्ग और कोला सोता समेत कई रास्ते जलमग्न हैं। सड़कों पर पानी आने से ग्रामीणों का सामान्य आवागमन प्रभावित है। कई स्थानों पर लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे हादसे का खतरा भी बना हुआ है।

खेतों में पानी, किसानों की बढ़ी चिंता

बाढ़ का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ रहा है। खेतों में लगातार पानी भरा रहने से गन्ने की फसल प्रभावित होने लगी है, जबकि तिली, चारा और बरसाती मक्का की फसल को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आ रही है। किसानों का कहना है कि यदि जलस्तर जल्द कम नहीं हुआ तो खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

पहले से ही बाढ़ की मार झेल रहे किसानों के सामने अब फसल बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। खेतों में कई दिनों तक पानी भरे रहने से फसलों के खराब होने के साथ आर्थिक नुकसान का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।

बिचपुरिया में रामगंगा का कटान शुरू, ग्रामीणों में दहशत

बाढ़ के साथ रामगंगा के कटान ने भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बिचपुरिया गांव में नदी का कटान शुरू हो गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच नदी किनारे कटान तेज होने की आशंका से ग्रामीण सहमे हुए हैं। लोगों की नजरें लगातार रामगंगा के जलस्तर और नदी के बदलते रुख पर टिकी हुई हैं।

अर्जुनपुर में सड़क पर सजा बाजार

बाढ़ से अर्जुनपुर गांव के हालात भी खराब हैं। गांव के खेतों से लेकर बाजार क्षेत्र तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पानी भरने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों का सामान और सब्जियां बेचने के लिए बाजार अब सड़क पर लगाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बाढ़ ने बिगाड़ा जनजीवन

रामगंगा के बढ़ते जलस्तर ने अमृतपुर तहसील के ग्रामीण इलाकों में सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कहीं संपर्क मार्ग पानी में डूबे हैं तो कहीं खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हैं। दूसरी ओर बिचपुरिया में शुरू हुआ कटान आने वाले समय में नई मुसीबत खड़ी कर सकता है।

लगातार बढ़ता जलस्तर, जलमग्न रास्ते, डूबते खेत और शुरू हुआ कटान—अमृतपुर क्षेत्र में रामगंगा की बाढ़ अब ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।

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