पति मुंबई में तो पत्नी फर्रुखाबाद में रही, तकनीक बनी प्यार का सहारा; वीडियो कॉल पर पूजा कर डॉ. शुभि ने मनाया शादी का पहला करवाचौथ
फर्रुखाबाद/करवाचौथ का त्योहार पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। लेकिन जब जीवनसाथी ही त्योहार के दिन दूर हो, तो इस खास दिन की भावनाएं और भी गहरी हो जाती हैं। ऐसा ही एक खूबसूरत नजारा फर्रुखाबाद के नेकपुर में देखने को मिला, जहां डॉ. शुभि ने शादी के बाद अपना पहला करवाचौथ पति से दूर रहकर मनाया।
दरअसल, डॉ. शुभि के पति इन दिनों मुंबई में हैं, जबकि वह फर्रुखाबाद में रह रही हैं। शादी के बाद पहला करवाचौथ होने के कारण उनके लिए यह दिन बेहद खास था। पति की गैरमौजूदगी के बावजूद उन्होंने पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ करवाचौथ का व्रत रखा। सुबह से ही त्योहार की तैयारियों और पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद उन्हें चांद निकलने का इंतजार था।
शाम को पूजा की तैयारियां पूरी करने के बाद डॉ. शुभि ने विधि-विधान से करवाचौथ की पूजा की। चांद के दर्शन के समय पति मुंबई में होने के कारण उनके साथ मौजूद नहीं हो सके। ऐसे में आधुनिक तकनीक उनके लिए खुशियों का माध्यम बन गई। डॉ. शुभि ने वीडियो कॉल के जरिए अपने पति से संपर्क किया। मोबाइल स्क्रीन पर पति का चेहरा देखकर उन्होंने पूजा की परंपरा निभाई और उनसे बातचीत करते हुए अपना पहला करवाचौथ व्रत खोला।
वीडियो कॉल ने खास बना दिया पहला करवाचौथ
पति-पत्नी के बीच भले ही सैकड़ों किलोमीटर की दूरी रही, लेकिन वीडियो कॉल के जरिए दोनों ने इस खास मौके को यादगार बना दिया। पति ने भी दूर रहकर पत्नी के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। इस तरह डॉ. शुभि का शादी के बाद पहला करवाचौथ एक अनोखी और खूबसूरत याद बन गया।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रिश्तों की मिठास और भावनाओं के लिए हमेशा पास होना जरूरी नहीं होता। सच्चा अपनापन दूरियों के बावजूद दिलों को जोड़े रखता है। करवाचौथ पर डॉ. शुभि का यह अंदाज चर्चा का विषय बना रहा। जहां एक ओर परंपराओं के प्रति उनका समर्पण दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर आधुनिक तकनीक ने उनके खास दिन को खुशियों से भर दिया।


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