परिजनों ने चौकी इंचार्ज पर लगाया मारपीट का आरोप, एएसपी बोले– नशे में लड़खड़ाकर खुद गिरा था युवक
कायमगंज/ फर्रुखाबाद/ सड़क पर मवेशी बांधने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते पुलिस और पशुपालक के बीच कहासुनी तक पहुंच गया। मामला कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के खान आलमपुर गांव का है, जहां एक पशुपालक के सिर में चोट लगने के बाद पुलिस पर मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए युवक के नशे की हालत में गिरने से चोटिल होने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार, खान आलमपुर गांव निवासी दुर्वेश राठौर अपने मवेशियों को सड़क किनारे बांध रहे थे। बताया गया कि क्षेत्र में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंचने के कारण पशुपालकों को अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर बांधना पड़ रहा था। इसी दौरान रात कुआं खेड़ा चौकी इंचार्ज शिव कुमार अपनी कार से वहां से गुजर रहे थे। रास्ते में भैंस बंधी होने के कारण वाहन निकालने में परेशानी हुई। इसी बात को लेकर पुलिसकर्मी और पशुपालक के बीच विवाद शुरू हो गया।
परिजनों ने लगाए पुलिस पर गंभीर आरोप
घायल दुर्वेश के भाई मोहन लाल का आरोप है कि रास्ते से मवेशी हटाने को लेकर हुई कहासुनी के बाद पुलिसकर्मियों ने दुर्वेश के साथ मारपीट की। उनका दावा है कि पुलिसकर्मी उसे खींचकर ले गए और मारपीट की, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लग गई। घटना के बाद घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।
परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मवेशियों को सड़क किनारे बांधने की वजह बाढ़ का पानी था, इसके बावजूद विवाद को लेकर युवक के साथ मारपीट की गई।
एएसपी ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, वीडियो वायरल होने के बाद एएसपी गिरीश कुमार सिंह ने मामले पर पुलिस का पक्ष सामने रखा। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर मारपीट के आरोपों को निराधार बताया। पुलिस के अनुसार, इलाके में सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा था और दुर्वेश ने सार्वजनिक रास्ते पर भैंस बांध रखी थी, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा था।
पुलिस का दावा है कि मवेशी हटाने के दौरान दुर्वेश नशे की हालत में था और संतुलन बिगड़ने से वह खुद लड़खड़ाकर गिर गया, जिससे उसके सिर में चोट आई। एएसपी के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट में भी उसके नशे में होने की पुष्टि हुई है।
वायरल वीडियो के बाद आमने-सामने आए दोनों पक्ष
घटना के बाद दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों ने पूरे मामले को तूल दे दिया है। एक तरफ घायल के परिजन पुलिस पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस इसे रास्ता अवरुद्ध करने और युवक के गिरने से जुड़ा मामला बता रही है।
फिलहाल पुलिस सार्वजनिक मार्ग बाधित करने के मामले में कानूनी कार्रवाई की बात कह रही है। अब इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों के आरोपों और दावों की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।


+ There are no comments
Add yours