फर्रुखाबाद/ स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने शनिवार को जिले में बड़ा अभियान चलाते हुए नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की। दोपहर 12 बजे के बाद आरटीओ-प्रवर्तन (कानपुर) राहुल श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित चार टीमों ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्कूली बच्चों को ढो रहे टैम्पो, ई-रिक्शा, मारुति वैन, निजी वाहनों तथा अन्य स्कूल वाहनों की सघन जांच की।
अभियान के दौरान कई वाहन बिना आवश्यक सुरक्षा मानकों के चलते मिले। अधिकारियों ने मौके पर ही 42 वाहनों का चालान किया, जबकि गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 6 वाहनों को सीज कर दिया। विभिन्न नियमों के उल्लंघन पर कुल ₹4.35 लाख का जुर्माना भी लगाया गया।
जांच अभियान में एआरटीओ-प्रवर्तन (फर्रुखाबाद) सुभाष राजपूत, यात्री/मालकर अधिकारी (कानपुर देहात) स्मिता वर्मा, यात्री/मालकर अधिकारी (औरैया) मानवेन्द्र सिंह, यात्री/मालकर अधिकारी (कन्नौज) सुनीता सैनी तथा यातायात उपनिरीक्षक ओम प्रकाश पाण्डेय सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
स्कूल वाहनों के लिए सुरक्षा मानकों पर सख्ती
अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक स्कूल वाहन का पीले रंग का होना और उस पर स्पष्ट रूप से ‘स्कूल बस’ लिखा होना अनिवार्य है। वाहन पर स्कूल का नाम और संपर्क नंबर अंकित होना चाहिए। बस में दो अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट-एड बॉक्स, सभी सीटों पर सीट बेल्ट, बच्चों के बैग रखने की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस और स्पीड गवर्नर अनिवार्य हैं। इसके अलावा खिड़कियों में सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्टील की छड़ें लगी हों तथा प्रेशर हॉर्न का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। वाहन चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना भी जरूरी है।
नियम तोड़ने वालों पर आगे भी चलेगा अभियान
आरटीओ-प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी कीमत पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी जिले में लगातार चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे। आगामी अभियानों में कानपुर देहात, कन्नौज, औरैया और कानपुर नगर की संयुक्त टीमें भी कार्रवाई में शामिल होंगी।
परिवहन विभाग ने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को केवल मानक और सुरक्षित वाहनों से ही स्कूल भेजें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।


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