लंबे समय से चल रहा था इलाज, अचानक बिगड़ी तबीयत तो अस्पताल ले गए परिजन; डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
फर्रुखाबाद/ शहर के प्रतिष्ठित कनोडिया इंटर कॉलेज की अर्थशास्त्र प्रवक्ता इंद्रा राठौर (56) के निधन की खबर से शिक्षा जगत और उनके परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहीं इंद्रा राठौर का लखनऊ के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। गुरुवार देर रात अचानक उनकी तबीयत अधिक बिगड़ गई। परिजन उन्हें आनन-फानन में लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इंद्रा राठौर फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के तलैया लेन की निवासी थीं। वह कनोडिया इंटर कॉलेज में अर्थशास्त्र विषय की प्रवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं। लंबे समय से बीमारी से जूझने के बावजूद उनके निधन की खबर ने परिवार और शुभचिंतकों को झकझोर कर रख दिया।
परिजनों के मुताबिक गुरुवार रात अचानक उनकी हालत बिगड़ी तो बिना देर किए उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयास से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं। अस्पताल प्रशासन ने शव को मोर्चरी में रखवाकर घटना की सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस की सूचना के बाद नियमानुसार आगे की प्रक्रिया शुरू की गई।
मृतका के बेटे राजा ने बताया कि परिवार पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहता है। इंद्रा राठौर की एक विवाहित बेटी यशी राठौर भी हैं। निधन की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शिक्षिका के निधन की जानकारी मिलते ही उनके सहकर्मियों, परिचितों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पढ़ाने के अंदाज और व्यवहार को याद कर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। एक शिक्षिका के असमय चले जाने से विद्यालय परिवार में भी गम का माहौल है।
इंद्रा राठौर के निधन से परिवार ने अपना एक महत्वपूर्ण सदस्य और शिक्षा जगत ने एक समर्पित शिक्षिका खो दी।


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