गणपति बप्पा के जयकारों से गूंजा स्कूल, हिंदी के गौरव ने बांधा समां

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गणपति बप्पा के जयकारों से गूंजा स्कूल, हिंदी के गौरव ने बांधा समां

गणेश वंदना, मराठी नृत्य, नाटक और कविताओं ने मोहा मन; निबंध-भाषण प्रतियोगिताओं में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

कायमगंज/पट्टिया लेन, कंपिल रोड स्थित प्रतिष्ठित किरण पब्लिक स्कूल में सोमवार को गणेश चतुर्थी और हिंदी दिवस का संयुक्त उत्सव हर्षोल्लास, भक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया। गणपति बप्पा की भक्ति के साथ हिंदी भाषा के गौरव का ऐसा संगम देखने को मिला कि पूरा विद्यालय परिसर देर तक तालियों और जयकारों से गूंजता रहा। छात्र-छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जहां दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, वहीं प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक डॉ. वीरेंद्र गंगवार, मैनेजर श्रीमती कल्पना गंगवार एवं प्रधानाचार्य श्रीमती राधिका नायर ने मां सरस्वती और भगवान श्री गणेश के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद महाराष्ट्र की पारंपरिक वेशभूषा में सजी छात्राओं ने भावपूर्ण गणेश वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। प्रधानाचार्य राधिका नायर के साथ विद्यालय की शिक्षिकाओं ने श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश की आरती की। इसके बाद छात्राओं की आकर्षक मराठी नृत्य प्रस्तुति और ‘जय गणेश देव’ डांस ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

हिंदी दिवस पर दिखा भाषा प्रेम का रंग

समारोह के दूसरे चरण में हिंदी दिवस का रंग देखने को मिला। कक्षा सात की छात्राओं आराध्या भदौरिया और आर्या सिंह ने शानदार नृत्य प्रस्तुति के माध्यम से हिंदी भाषा की महत्ता और भारतीय सांस्कृतिक गौरव को जीवंत कर दिया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लघु नाटक ने मातृभाषा के महत्व को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा।

छात्रा अदिति शाक्य ने हिंदी दिवस पर अपने ओजस्वी विचार रखे, जिन्हें सुनकर उपस्थित लोगों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। वरिष्ठ हिंदी शिक्षिका श्रीमती अंजू बाथम ने हिंदी को संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना की सशक्त अभिव्यक्ति बताते हुए विद्यार्थियों को भाषा के प्रति सम्मान का संदेश दिया। उन्होंने अपनी भावपूर्ण कविताओं का पाठ कर वातावरण को साहित्यिक रंग में रंग दिया।

वहीं हिंदी शिक्षक श्री हरिद्वार द्विवेदी ने सारगर्भित दोहों और ओजपूर्ण कविताओं के माध्यम से हिंदी के गौरव को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी मातृभाषा के प्रति प्रेम और सम्मान बनाए रखने का आह्वान किया।

प्रतियोगिताओं में बच्चों ने झोंकी पूरी ताकत

हिंदी पखवाड़े के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं के पहले दिन विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। हिंदी निबंध लेखन और भाषण प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों ने अपने विचारों, भाषा ज्ञान और अभिव्यक्ति की क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

इतना ही नहीं, विद्यार्थियों ने घर से तैयार करके लाई गई क्ले मिट्टी से भगवान श्री गणेश की आकर्षक कलाकृतियों तथा चार्ट पेपर पर बनाए गए सुंदर चित्रों के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। बच्चों की कलाकृतियों को देखकर शिक्षक और अतिथि भी उनकी प्रतिभा की प्रशंसा करते नजर आए।

दिन की शुरुआत कलाम हाउस के विद्यार्थियों द्वारा सदनवार प्रार्थना सभा के अनुशासित संचालन से हुई। विद्यार्थियों की प्रस्तुति, अनुशासन और आत्मविश्वास ने आयोजन की शुरुआत को ही प्रभावशाली बना दिया।

पर्दे के पीछे की टीम ने संभाली पूरी कमान

पूरे आयोजन को व्यवस्थित और शानदार स्वरूप देने में विद्यालय के अकादमिक एवं शैक्षिक गतिविधि प्रभारी विक्रांत सिंह एवं अंजना जयन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कुशल नेतृत्व में कार्यक्रम का संचालन बेहद अनुशासित ढंग से हुआ।

कला एवं रचनात्मक प्रभारी श्रीमती शिवानी राठौर, आरजू गंगवार एवं आकांक्षा सैनी की टीम ने अपनी रचनात्मक सोच और आकर्षक मंच सज्जा से विद्यालय परिसर को मनोहारी रूप प्रदान किया। आधुनिक डिजिटल मंच पर प्रस्तुतियों और तकनीकी संयोजन की जिम्मेदारी श्री अतुल प्रताप सिंह एवं सोशल मीडिया प्रभारी हिरा अंसारी ने बखूबी संभाली।

विद्यालय कोऑर्डिनेटर जयन राजन के मार्गदर्शन में शिक्षिका प्रगति सक्सेना, मंजू यादव, पूजा पाल, आशिका, पूनम, खुशी, पूजा तथा शिक्षक निखिल शाक्य, शाहरुख खान, नीरज अग्निहोत्री, अजमत अली और क्रीड़ा प्रभारी अल्पना यादव ने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रशासनिक व्यवस्था में कार्यालय सहायिका फराह खान, लिपिक उमाकांत वर्मा तथा तकनीकी प्रबंधन में कंप्यूटर संचालक रवि कुमार सहित समूचे किरण परिवार का सहयोग सराहनीय रहा। गणेश भक्ति, हिंदी प्रेम, साहित्य, कला और विद्यार्थियों की प्रतिभा से सजा यह आयोजन लंबे समय तक विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार के लिए यादगार बना रहा।

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