कविता, चौपाई, निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर, हिंदी के महत्व का दिलाया संकल्प
फर्रुखाबाद/ नगर के प्रतिष्ठित एपी पब्लिक स्कूल में हिंदी दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर हिंदीमय नजर आया। विद्यार्थियों में हिंदी के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यालय में विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। खास बात यह रही कि विशेष प्रार्थना सभा का संचालन भी विद्यार्थियों ने स्वयं किया और प्रार्थना सभा का संपूर्ण वाचन हिंदी भाषा में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए कविता, चौपाई, निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए हिंदी कविता एवं चौपाई प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने हिंदी निबंध प्रतियोगिता में अपने विचारों को शब्दों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
वहीं कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता ने कार्यक्रम में खास रंग भर दिया। ‘Gen-Z के जमाने में हिंदी—ट्रेंड है या आउटडेटेड?’ विषय पर विद्यार्थियों ने आधुनिक दौर में हिंदी की प्रासंगिकता को लेकर पक्ष-विपक्ष में अपने तर्क रखे। इसके साथ ही ‘वर्तमान समय में सोशल मीडिया का युवाओं पर प्रभाव’ विषय पर भी विद्यार्थियों ने बेबाकी से अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों के तर्क, आत्मविश्वास और प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं।
विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. अंजलि पांडे ने हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी के महत्व एवं उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान दौर में दूसरी भाषाओं का ज्ञान हासिल करना आवश्यक है, लेकिन अपनी मातृभाषा और राजभाषा हिंदी को किसी भी दूसरी भाषा से कमतर नहीं आंकना चाहिए। हिंदी हमारी भावनाओं, संवेदनाओं और संस्कारों से जुड़ी भाषा है।
उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज हिंदी का प्रभाव वैश्विक स्तर पर भी लगातार बढ़ रहा है और वर्तमान सरकार द्वारा हिंदी के उत्थान एवं विकास की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि हिंदी दिवस केवल एक दिन मनाने तक सीमित न रहे, बल्कि हिंदी का प्रयोग अपने दैनिक जीवन में भी सम्मान और गर्व के साथ किया जाए।
कार्यक्रम में अलका सिंह, आरके पाठक, अनूप पांडे, विकास भारती, पल्लवी दीक्षित सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही। शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए हिंदी भाषा के प्रति प्रेम और सम्मान बनाए रखने का संदेश दिया।
हिंदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि आधुनिकता और सोशल मीडिया के दौर में भी हिंदी अपनी पहचान और प्रासंगिकता खोने वाली नहीं, बल्कि नए अंदाज में नई पीढ़ी के बीच अपनी जगह बना रही है।


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