गौशाला में अचानक पहुंचीं डीएम तो मचा हड़कंप! चारा-पानी से लेकर कर्मचारियों के वेतन तक की खुली पोल जांची

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राजेपुर/फर्रुखाबाद।
शनिवार को राजेपुर विकासखंड क्षेत्र के ग्राम खंडौली स्थित गौशाला में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अचानक औचक निरीक्षण कर दिया। डीएम के बिना पूर्व सूचना पहुंचने से गौशाला में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने गौशाला की व्यवस्थाओं को करीब से परखा और गोवंश के रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के कड़े निर्देश दिए।

चारा-पानी की व्यवस्था परखी, सफाई का भी लिया जायजा

औचक निरीक्षण के दौरान डीएम ने गौशाला में मौजूद गोवंश के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की। उन्होंने चारे की उपलब्धता और गुणवत्ता के साथ ही पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई तथा गोवंश के रखरखाव की स्थिति देखी। अधिकारियों से जानकारी लेते हुए उन्होंने यह भी पूछा कि गोवंश को निर्धारित मानक के अनुसार पर्याप्त मात्रा में चारा मिल रहा है या नहीं और आपूर्ति में किसी प्रकार की समस्या तो नहीं आ रही है।

डीएम ने स्पष्ट किया कि गौशाला में गोवंश की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने नहीं आनी चाहिए। चारा और पानी की व्यवस्था नियमित रूप से सुनिश्चित करने के साथ ही परिसर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

डीएम ने कर्मचारियों से पूछ लिया वेतन का हाल

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल व्यवस्थाओं का जायजा लेने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि गौशाला में काम करने वाले कर्मचारियों से सीधे बातचीत की। उन्होंने कर्मचारियों से उनके वेतन और मानदेय भुगतान की स्थिति पूछी तथा यह जानकारी ली कि उन्हें समय से भुगतान मिल रहा है या नहीं।

इसके साथ ही कर्मचारियों से कामकाज के दौरान आने वाली समस्याओं और जरूरी संसाधनों को लेकर भी जानकारी ली गई। डीएम ने अधिकारियों को कर्मचारियों की समस्याओं का समय से निस्तारण कराने के निर्देश दिए।

लापरवाही मिली तो कार्रवाई तय—डीएम

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गोवंश के संरक्षण और गौशाला की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चारा, पानी, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशाला की व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जाए और किसी भी कमी को तत्काल दूर कराया जाए, ताकि गोवंश को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद

औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय, खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार जायसवाल, सहायक विकास अधिकारी पंचायत अजीत पाठक, ग्राम प्रधान हरेंद्र सिंह सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने को लेकर सक्रियता बढ़ गई।

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