गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बना कंपिल! रामबरात पर मुस्लिम समाज ने बरसाए फूल, 75 झांकियों ने बांधा समां; आधी रात को हुआ श्रीराम-सीता विवाह

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जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा नगर, पगड़ी पहनाकर रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों का हुआ सम्मान; भाईचारे के रंग में रंगी ऐतिहासिक रामबरात

फर्रुखाबाद/कंपिल। धार्मिक आस्था, भक्ति और आपसी सौहार्द के अनूठे संगम के बीच कंपिल में देर शाम श्रीरामलीला महोत्सव के अंतर्गत भगवान श्रीराम की भव्य बरात धूमधाम से निकाली गई। आकर्षक साज-सज्जा, मनमोहक धार्मिक झांकियों और गगनभेदी जय श्रीराम के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा में शामिल 75 झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया, वहीं गंगा रोड पर मुस्लिम समाज के लोगों द्वारा रामबरात का पुष्पवर्षा कर स्वागत किए जाने से आयोजन में आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली।

मुस्लिम समाज के लोगों ने न केवल बरात पर फूल बरसाकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया, बल्कि रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित भी किया। इस स्वागत ने धार्मिक आयोजन को सामाजिक सौहार्द के रंगों से सराबोर कर दिया। नगर में जगह-जगह लोगों ने बरात का स्वागत किया और श्रद्धालु देर रात तक धार्मिक उत्साह में डूबे नजर आए।

75 झांकियों ने खींचा लोगों का ध्यान, भगवान के विभिन्न स्वरूपों के हुए दर्शन

श्रीराम बरात में इस बार कुल 75 आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। इनमें भगवान श्रीगणेश, शिव अखाड़ा, काली अखाड़ा, मां दुर्गा, भगवान शंकर, महर्षि कश्यप और भगवान विष्णु सहित विभिन्न धार्मिक स्वरूपों की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। रंग-बिरंगी सजावट और धार्मिक प्रस्तुतियों से सजी झांकियों को देखने के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे।

बरात के शुभारंभ से पहले रामदरबार का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। पूर्व चेयरमैन उदयपाल सिंह यादव तथा कायमगंज के सुरेंद्र गुप्ता ने पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद धार्मिक उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बरात नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई।

रामलीला मैदान से निकली बरात, प्रमुख मार्गों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम

भगवान श्रीराम की बरात रामलीला मैदान से प्रारंभ होकर पट्टी मदारी, मुख्य चौराहा, गंगा रोड और रामेश्वरनाथ मंदिर होते हुए कालेश्वरनाथ मंदिर मार्ग से गुजरी। शोभायात्रा के मार्ग पर नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर बरात का स्वागत किया। धार्मिक गीतों, जयकारों और झांकियों के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

बरात के आगे बढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी धार्मिक आयोजन के साक्षी बने। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने भगवान श्रीराम के दर्शन किए और बरात का स्वागत कर अपनी आस्था व्यक्त की। पूरे आयोजन में धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक समरसता की झलक भी दिखाई दी।

आधी रात के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ श्रीराम-सीता विवाह

नगर भ्रमण करते हुए बरात रात करीब एक बजे रामेश्वरनाथ मंदिर पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान के बीच भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह संपन्न कराया गया। विवाह की रस्मों के साथ रामलीला महोत्सव का यह महत्वपूर्ण आयोजन धार्मिक उल्लास के वातावरण में आगे बढ़ा। श्रद्धालुओं ने विवाह समारोह में शामिल होकर भगवान श्रीराम और माता सीता के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।

शांति व्यवस्था के लिए मुस्तैद रहा पुलिस बल, कमेटी के पदाधिकारी रहे मौजूद

भव्य रामबरात के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए थानाध्यक्ष नितिन कुमार पुलिस बल के साथ तैनात रहे। आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष नीरज कुमार पाण्डेय, महामंत्री आयेंद्र सिंह यादव, कोषाध्यक्ष राघव चंद्र शुक्ला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नितिन मिश्रा, आदेश वर्मा, संयोजक उपेंद्र सिंह लोधी, उपाध्यक्ष चमन द्विवेदी, रामू पाठक सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

कंपिल की इस रामबरात ने धार्मिक आस्था के साथ आपसी प्रेम, सम्मान और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। 75 झांकियों की भव्यता, नगरवासियों का उत्साह और मुस्लिम समाज की पुष्पवर्षा इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे।

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