महिलाओं की सुरक्षा का संदेश लेकर सड़कों पर उतरा पुलिस महकमा! DIG ने दिखाई हरी झंडी, DM-एसपी और विधायकों ने भी संभाली कमान

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मिशन शक्ति की बाइक और पैदल रैली से गूंजा जागरूकता का संदेश, महिलाओं-बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए पुलिस ने भरी हुंकार; नवरात्र में मंदिरों से लेकर कस्बों तक सुरक्षा का विशेष पहरा

फर्रुखाबाद। महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन को लेकर फर्रुखाबाद में शाम मिशन शक्ति अभियान के तहत जागरूकता का अनूठा नजारा देखने को मिला। महिला सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से पुलिस लाइन से बाइक रैली और पैदल जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पुलिसकर्मियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। डीआईजी यमुना प्रसाद ने बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जबकि जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी अभियान का हिस्सा बने। रैली के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

पुलिस लाइन से निकली बाइक रैली, शहर के प्रमुख मार्गों पर पहुंचा सुरक्षा का संदेश

शाम करीब पांच बजे डीआईजी यमुना प्रसाद फर्रुखाबाद पहुंचे। इसके बाद शाम लगभग साढ़े पांच बजे पुलिस लाइन मैदान में मिशन शक्ति जागरूकता अभियान के तहत बाइक रैली का आयोजन किया गया। डीआईजी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली में शामिल पुलिसकर्मी महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, अधिकारों तथा सम्मान के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकले।

बाइक रैली पुलिस लाइन से शुरू होकर कलेक्ट्रेट, मिलिट्री चौराहा, कोतवाली और जिला जेल चौराहे सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। शहर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरते हुए रैली ने लोगों को महिला सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। निर्धारित मार्गों से भ्रमण करने के बाद रैली वापस पुलिस लाइन पहुंचकर संपन्न हुई।

पैदल रैली में DIG, DM-एसपी और विधायक भी हुए शामिल

बाइक रैली के बाद शाम करीब छह बजे पुलिस लाइन से पैदल जागरूकता रैली निकाली गई। इसमें डीआईजी यमुना प्रसाद, जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, कायमगंज विधायक डॉ. सुरभि और भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने सहभागिता की।

रैली में पुलिसकर्मी हाथों में जागरूकता संबंधी बैनर और पोस्टर लेकर चल रहे थे। इनके माध्यम से आमजन को महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करने, उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा किसी भी तरह के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दिया गया। रैली के पीछे पुलिस के वाहन भी मौजूद रहे।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में निकली इस रैली का उद्देश्य मिशन शक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाना और समाज में ऐसा वातावरण तैयार करना रहा, जहां महिलाएं और बेटियां बिना किसी भय के अपनी शिक्षा, रोजगार और दैनिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें।

नवरात्र में मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर रहेगी विशेष निगरानी

मिशन शक्ति अभियान के साथ ही नवरात्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस प्रशासन सतर्क है। डीआईजी यमुना प्रसाद ने बताया कि मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास की भावना को मजबूत करना है। इसके लिए मिशन शक्ति की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और महिलाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिरों, रामलीला स्थलों और अन्य धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इसे देखते हुए दिन और रात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। गांवों और कस्बों में आने-जाने वाले प्रमुख स्थानों पर भी पुलिस बल की तैनाती की जा रही है, ताकि त्योहार के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में चला जागरूकता अभियान

कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, सीओ सिटी अभय वर्मा, सीओ मोहम्मदाबाद, सिटी सर्किल के चारों थानों के थानाध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अभियान के माध्यम से महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आमजन को पुलिस के प्रयासों से जोड़ने का संदेश दिया।

बेटियों की सुरक्षा में समाज भी निभाए अपनी जिम्मेदारी

मिशन शक्ति का असली उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सरकारी प्रयासों के साथ समाज भी अपनी जिम्मेदारी समझेगा। महिलाओं और बालिकाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़, उत्पीड़न या किसी भी तरह की हिंसा को नजरअंदाज करने के बजाय उसके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। परिवारों में बेटियों को उनके अधिकारों की जानकारी देना, सार्वजनिक स्थानों पर सम्मानजनक व्यवहार करना और जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद लेना सुरक्षित समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

संदेश साफ है—महिलाओं की सुरक्षा, बेटियों का सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। जागरूक नागरिक और संवेदनशील समाज ही सुरक्षित फर्रुखाबाद की मजबूत नींव बन सकते हैं।

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