अमृतपुर में बाढ़ का सबसे ज्यादा कहर, अतिवृष्टि से फसल बर्बाद होने पर भी मिल रहा मुआवजा; मकान क्षतिग्रस्त होने वाले सैकड़ों परिवारों को राहत, डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने दी भुगतान की जानकारी
फर्रुखाबाद/ करीब दो महीने तक बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले फर्रुखाबाद के किसानों के लिए राहत की खबर है। बाढ़ के पानी ने खेतों में खड़ी फसलों को बर्बाद कर दिया तो कई परिवारों के आशियाने भी क्षतिग्रस्त हो गए। लंबे समय तक जलभराव के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अब आपदा की मार से परेशान किसानों और पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। जिले के 22,667 बाढ़ प्रभावित किसानों को कुल 11.50 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इनमें से 11,399 किसानों के बैंक खातों में 5.50 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। शेष पात्र किसानों को भी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सहायता राशि उपलब्ध कराने की तैयारी है।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बाढ़ एवं अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों और परिवारों को दी जा रही आर्थिक सहायता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन का प्रयास है कि आपदा से नुकसान उठाने वाले पात्र लोगों तक शासन की ओर से निर्धारित सहायता समय से पहुंचाई जाए। बाढ़ से प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देने के साथ ही फसल क्षति और मकानों के नुकसान के मामलों में भी सहायता राशि का भुगतान किया जा रहा है।
दो महीने तक बाढ़ ने मचाई तबाही, अमृतपुर तहसील सबसे ज्यादा प्रभावित
जिले में एक अगस्त से शुरू हुआ बाढ़ का प्रकोप करीब दो महीने तक बना रहा। लगातार जलभराव के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ। खेतों में पानी भरने से फसलें खराब हो गईं, वहीं कई स्थानों पर मकानों को भी नुकसान पहुंचा। बाढ़ की सबसे ज्यादा मार अमृतपुर तहसील के किसानों और ग्रामीणों को झेलनी पड़ी। इसके अलावा कायमगंज और सदर तहसील के कई इलाकों में भी बाढ़ के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रशासन की ओर से तैयार की गई सूची के अनुसार, जिले की तीन तहसीलों के कुल 22,667 किसान बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें अमृतपुर तहसील के 14,708, कायमगंज के 7,015 और फर्रुखाबाद तहसील के 902 किसान शामिल हैं। इन किसानों को कुल 11.50 करोड़ रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जानी है। अब तक 11,399 किसानों के खातों में सीधे 5.50 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। बाकी पात्र किसानों को राहत राशि देने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
बारिश की दोहरी मार, बाढ़ के साथ अतिवृष्टि ने भी चौपट की फसल
किसानों की मुश्किलें केवल बाढ़ तक सीमित नहीं रहीं। अत्यधिक बारिश यानी अतिवृष्टि के कारण भी कृषि भूमि में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा। ऐसे किसानों को भी प्रशासन की ओर से फसल क्षति के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अतिवृष्टि से जिले के 317 किसानों की कुल 105 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खड़ी फसल प्रभावित हुई। इनमें से 204 किसानों को अब तक 10 लाख 55 हजार रुपये की सहायता राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष किसानों के मामलों में डाटा फीडिंग और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भुगतान किया जाएगा।
फसलें खराब होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। ऐसे में मुआवजे की राशि से प्रभावित किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, जिन किसानों के खातों में अभी सहायता राशि नहीं पहुंची है, उन्हें भुगतान का इंतजार है।
मकान टूटने से बेघर हुए परिवारों को भी मदद, 405 मामलों में सहायता स्वीकृत
बाढ़ और अतिवृष्टि का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रहा। बारिश के कारण कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की समस्या खड़ी हो गई। ऐसे मामलों में भी जिला प्रशासन ने आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है।
प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, मकान क्षतिग्रस्त होने से संबंधित 405 मामलों में कुल 28 लाख रुपये की सहायता राशि का भुगतान किया जा रहा है। इनमें से 275 पीड़ितों को अब तक 14 लाख 12 हजार रुपये दिए जा चुके हैं। शेष प्रभावित लोगों को भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
आपदा में मकानों को नुकसान पहुंचने से प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। ऐसे में आर्थिक सहायता से उन्हें घर की मरम्मत और जरूरी जरूरतों को पूरा करने में कुछ मदद मिल सकेगी।
बाढ़ में जनहानि पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता
बाढ़ के दौरान जनहानि का मामला भी सामने आया था। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि कायमगंज तहसील में बाढ़ के दौरान एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी। शासन के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार, मृतक के पीड़ित परिवार को जिला प्रशासन की ओर से चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई गई।
इसके अतिरिक्त बाढ़ के तेज बहाव के कारण नदी और जलधारा के कटान से प्रभावित सदर और कायमगंज तहसील के लोगों को भी राहत दी गई। प्रशासन के अनुसार, संबंधित प्रभावित लोगों को निर्धारित समय सीमा के भीतर एक लाख 30 हजार रुपये की राहत अनुदान राशि का भुगतान किया गया।
प्रशासन का दावा—पात्रों तक पहुंचाई जा रही सहायता
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान के मामलों में पात्रता के आधार पर सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने राहत कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मीडिया के सहयोग का भी उल्लेख किया।
फिलहाल जिले में बाढ़ प्रभावित किसानों, फसल नुकसान झेलने वालों और मकान क्षतिग्रस्त होने से परेशान परिवारों को राहत राशि देने की प्रक्रिया जारी है। हजारों किसानों के खातों में धनराशि पहुंच चुकी है, जबकि शेष पात्र लाभार्थियों को भुगतान का इंतजार है।
बाढ़ ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया, लेकिन अब मुआवजे की राशि से उन्हें नुकसान की भरपाई की कुछ उम्मीद जगी है। प्रभावित किसानों और परिवारों की नजरें अब प्रशासन की ओर से शेष भुगतान जल्द पूरा किए जाने पर टिकी हैं।


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