मेहनत का मिला इनाम: कायमगंज कोतवाली के 3 अंडर ट्रेनिंग कांस्टेबल बने दरोगा, सफलता बनी युवाओं के लिए प्रेरणा

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कायमगंज/फर्रुखाबाद।

कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास का परिणाम आखिरकार सामने आ ही जाता है। यही संदेश कायमगंज कोतवाली में उस समय देखने को मिला, जब बुधवार को उप निरीक्षक (दरोगा) भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ और कोतवाली में तैनात तीन अंडर ट्रेनिंग कांस्टेबलों का चयन दरोगा पद पर हो गया। परिणाम की सूचना मिलते ही कोतवाली परिसर खुशी से झूम उठा। साथी पुलिसकर्मियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी, वहीं परिवारों में भी उत्सव जैसा माहौल बन गया।
चयनित पुलिसकर्मियों में लोकेश, चंद्रेश चौधरी और सचिन गौतम शामिल हैं। तीनों की तैनाती बीते 30 अप्रैल को कायमगंज कोतवाली में अंडर ट्रेनिंग कांस्टेबल के रूप में हुई थी। कुछ ही महीनों में उन्होंने अपनी लगन और मेहनत के दम पर दरोगा पद हासिल कर यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता निश्चित मिलती है।
मंडी चौकी पर तैनात लोकेश मूल रूप से मथुरा के निवासी हैं। उनके पिता प्रताप सिंह सेवानिवृत्त सैनिक हैं, जबकि माता चंद्रकला गृहिणी हैं। उनके बड़े भाई सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में देश की सेवा कर रहे हैं। वहीं कुआंखेड़ा चौकी पर तैनात चंद्रेश चौधरी अलीगढ़ के रहने वाले हैं। उनके पिता राकेश चौधरी किसान हैं और माता गृहिणी हैं। उनका छोटा भाई सेना में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है, जबकि बड़ी बहन का विवाह हो चुका है।
इसी तरह कस्बा चौकी पर तैनात सचिन गौतम भी अलीगढ़ के निवासी हैं। उनके पिता खुशीराम किसान हैं और माता प्रेमलता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। उनकी छोटी बहन ने हाल ही में होमगार्ड भर्ती परीक्षा दी है तथा छोटा भाई हाईस्कूल का छात्र है।
तीनों नवचयनित दरोगाओं ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार के सदस्यों तथा पीटीसी प्रशिक्षण के दौरान मार्गदर्शन देने वाले अनुज यादव को दिया। उनका कहना है कि कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और परिवार के सहयोग से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
परिणाम घोषित होने के बाद कोतवाली में बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने तीनों को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि पुलिस विभाग के साथ-साथ उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो ईमानदारी से मेहनत कर अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।
यह सफलता एक संदेश भी देती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, यदि संकल्प मजबूत हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो परिणाम अवश्य मिलता है। कायमगंज कोतवाली के इन तीनों नवचयनित दरोगाओं की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और युवाओं में यह विश्वास जगाएगी कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता—सच्ची लगन और अथक परिश्रम ही मंजिल तक पहुंचाते हैं।

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