फर्रुखाबाद/ शहर में शनिवार को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय तथा उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपीएफएसडीए) के संयुक्त तत्वावधान में स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए एक विशाल प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रेहड़ी, ठेला और अन्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा के नियमों से अवगत कराना, स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना तथा आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद मुकेश राजपूत ने किया। इस अवसर पर एफएसएसएआई के संयुक्त निदेशक अंकेश्वर मिश्रा, उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय की प्रबंधक श्रीमती निमांशी, उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त सैय्यद शनावाज़ हैदर आबिदी सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सांसद मुकेश राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि स्ट्रीट फूड विक्रेता स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। यदि वे साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पूरी तरह पालन करें तो लोगों को सुरक्षित भोजन मिलेगा और उनके कारोबार में भी विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने सभी विक्रेताओं से स्वच्छ वातावरण में खाद्य पदार्थ तैयार करने, सुरक्षित तरीके से उनका भंडारण करने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों का पालन करने की अपील की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान एफएसएसएआई की फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FoSTaC) योजना के तहत विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित रखरखाव, क्रॉस-कंटैमिनेशन से बचाव, साफ-सफाई, अपशिष्ट प्रबंधन, सुरक्षित भंडारण और स्वच्छ विक्रय स्थल बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही अनुसूची-4 के तहत निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों की भी जानकारी देकर उनके पालन के लिए प्रेरित किया गया।
इस वृहद कार्यक्रम में जिले के करीब 850 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी प्रतिभागियों को फोस्टैक (FoSTaC) प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्हें हाइजीन किट भी वितरित की गई, ताकि वे अपने खाद्य व्यवसाय में बेहतर स्वच्छता मानकों को अपनाकर उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन उपलब्ध करा सकें।
अधिकारियों ने बताया कि एफएसएसएआई देशभर में राज्य खाद्य सुरक्षा विभागों के सहयोग से इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित कर रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य खाद्य व्यवसाय संचालकों को आवश्यक ज्ञान और कौशल से सशक्त बनाना, खाद्य सुरक्षा की संस्कृति को मजबूत करना तथा उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाना है।
फर्रुखाबाद में आयोजित यह कार्यक्रम जिले के स्ट्रीट फूड कारोबार को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इससे न केवल खाद्य विक्रेताओं को आधुनिक खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी मिली, बल्कि आम लोगों को भी भविष्य में अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्ट्रीट फूड उपलब्ध कराने की दिशा में एक मजबूत संदेश गया।


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