बारिश बनी आफत! जैतपुर की सड़क बनी ‘तालाब’, जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर ग्रामीण — आखिर कब जागेगा प्रशासन

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फर्रुखाबाद
बरसात ने एक बार फिर विकास के दावों की पोल खोल दी है। जनपद के मोहम्मदाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत जैतपुर में मुख्य संपर्क मार्ग इन दिनों सड़क कम और तालाब ज्यादा नजर आ रहा है। लगातार हुई बारिश के बाद सड़क पर कई फीट तक पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से निकलना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। हर वर्ष बरसात आते ही यही रास्ता जलमग्न हो जाता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग स्थायी समाधान करने के बजाय हर बार केवल आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी कई-कई दिनों तक सड़क पर जमा रहता है और लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जाती है।

सबसे अधिक दिक्कत स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों, किसानों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। सड़क पर बने गड्ढे पानी में पूरी तरह छिप चुके हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलने का खतरा उठाकर सफर करने को मजबूर हैं। चारपहिया वाहन भी पानी के बीच से किसी तरह गुजर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं कराया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जल निकासी के लिए बनी नालियां या तो जाम हैं या फिर पर्याप्त नहीं हैं। यही कारण है कि बारिश का पूरा पानी सड़क पर जमा हो जाता है और गांव का मुख्य मार्ग दलदल और तालाब में तब्दील हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार शिकायत करने की बात भी कही, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर से मांग की है कि मौके पर संबंधित अधिकारियों को भेजकर तत्काल निरीक्षण कराया जाए तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। साथ ही नालियों की सफाई, प्रभावी जल निकासी व्यवस्था और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को हर वर्ष इस परेशानी से न जूझना पड़े।

बरसात के मौसम में जिले के कई गांवों में जलभराव की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन जैतपुर की यह तस्वीरें साफ बता रही हैं कि विकास योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच अब भी बड़ा अंतर मौजूद है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेकर राहत दिलाता है।

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