किसानों की समृद्धि पर आयोग का जोर, योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र किसानों तक पहुंचाने के निर्देश

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फर्रुखाबाद। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाने को लेकर शासन गंभीर है। इसी क्रम में कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री कुलजीत सिंह ने सोमवार को सर्किट हाउस में कृषि एवं कृषि से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि किसानों का सर्वांगीण विकास आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पात्र किसानों को योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता सहित विभिन्न विभागों द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई। आयोग के सदस्य ने अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, लाभार्थियों की संख्या तथा किसानों तक योजनाओं की पहुंच के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र किसान को अपने अधिकार और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी हो सके।

किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष फोकस

कुलजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में सुधार के उद्देश्य से कृषक समृद्धि आयोग का गठन किया गया है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, डेयरी विकास, उद्यान, मत्स्य पालन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र किसान तक पहुंचे। इसके लिए विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखें।

किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से हो समाधान

बैठक में आयोग के सदस्य ने अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए और उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। योजनाओं के लाभ में आने वाली अड़चनों को चिन्हित कर उनका तत्काल समाधान कराया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की भी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए। कृषि क्षेत्र से संबंधित विभाग जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी करें, जिससे सरकारी प्रयासों का सीधा लाभ किसानों को मिल सके।

विभागों ने प्रस्तुत की योजनाओं की प्रगति

बैठक के दौरान कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता तथा खाद्य विपणन विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं और प्रगति की जानकारी आयोग के सदस्य के समक्ष रखी। सदस्य ने योजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए कृषि के साथ उससे जुड़े क्षेत्रों को भी बढ़ावा देना जरूरी है। पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और उद्यान जैसी गतिविधियां किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत बन सकती हैं। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र किसानों तक पहुंचाया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, उप निदेशक कृषि अरविंद मोहन, जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार, एआर कॉपरेटिव अजय पालीवाल, जिला खाद्य विपणन अधिकारी रोली सिंह, सहायक निदेशक मत्स्य सुप्रिया रानी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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