एसपी आरती सिंह समेत पुलिस अधिकारियों और जवानों की कलाई पर सजा स्नेह का धागा, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा पुलिस लाइन सभागार
फर्रुखाबाद/ रक्षाबंधन के पावन पर्व पर फर्रुखाबाद पुलिस लाइन में गुरुवार को भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के रिश्ते की एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली। जिले के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचीं छात्राओं ने ‘राखी विद खाकी’ कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और जवानों की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर उनसे अपनी सुरक्षा का भरोसा लिया। इस दौरान पुलिस लाइन परिसर में कहीं मुस्कुराते चेहरे नजर आए तो कहीं भाई-बहन के पवित्र रिश्ते से जुड़े भावुक पल दिखाई दिए।
कार्यक्रम में छात्राओं ने पुलिस अधीक्षक आरती सिंह समेत मौजूद पुलिस अधिकारियों और जवानों को राखी बांधी और मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। खाकी की कलाई पर जब नन्हीं और स्कूली छात्राओं ने स्नेह का धागा बांधा तो पुलिस अधिकारियों ने भी पूरे आत्मीय भाव से इस रिश्ते की गरिमा को निभाया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस लाइन सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
एसपी आरती सिंह ने छात्राओं को दिए उपहार, बढ़ाया उत्साह
रक्षाबंधन के इस विशेष आयोजन में एसपी आरती सिंह ने छात्राओं से आत्मीयता के साथ बातचीत की और उन्हें उपहार देकर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने बेटियों के प्रति स्नेह और सम्मान का भाव व्यक्त करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। छात्राओं के चेहरों पर उस समय खास खुशी देखने को मिली, जब उन्हें पुलिस परिवार की ओर से अपनापन और सम्मान मिला।
छात्राओं ने सीओ अभय वर्मा समेत अन्य पुलिस अधिकारियों और जवानों की कलाई पर भी राखी बांधी। मिठाई खिलाकर छात्राओं ने भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की मिठास को और खास बना दिया। पुलिसकर्मियों ने भी बेटियों को सुरक्षा और सहयोग का भरोसा दिलाया।
समाजसेवी अजय यादव की कलाई पर भी सजी राखी
कार्यक्रम में मौजूद समाजसेवी अजय यादव को भी छात्राओं ने राखी बांधी और मिठाई खिलाकर सम्मान व्यक्त किया। इस दौरान पूरे कार्यक्रम में एक अलग ही पारिवारिक माहौल दिखाई दिया। पुलिस, छात्राओं और समाजसेवियों के बीच भाई-बहन जैसा अपनापन नजर आया। रक्षाबंधन के इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था संभालने वाली संस्था ही नहीं, बल्कि समाज की बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए हमेशा खड़ी रहने वाली ताकत भी है।
राखी के साथ मिला साइबर सुरक्षा का बड़ा संदेश
‘राखी विद खाकी’ कार्यक्रम केवल राखी बांधने और मिठाई खिलाने तक सीमित नहीं रहा। छात्राओं को आधुनिक दौर में बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को समझाया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध फोन कॉल या संदेशों के झांसे में न आएं।
छात्राओं को बताया गया कि कोई भी बैंक, संस्था या सरकारी विभाग फोन पर OTP, बैंकिंग जानकारी, पासवर्ड अथवा अन्य निजी जानकारी नहीं मांगता है। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति से अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें। सोशल मीडिया का सावधानी से उपयोग करने और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई।
खाकी की कलाई पर राखी… बेटियों के मन में सुरक्षा का भरोसा
कार्यक्रम का सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला, जब छात्राओं ने पुलिसकर्मियों की कलाई पर राखी बांधी। यह सिर्फ एक धागा नहीं था, बल्कि बेटियों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास, सुरक्षा और भाईचारे का प्रतीक था। वहीं खाकी ने भी इस रिश्ते की गरिमा को निभाते हुए बेटियों को हर संभव सुरक्षा देने का संदेश दिया।
रक्षाबंधन के इस अनोखे आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पुलिस और जनता के बीच भरोसे की डोर जितनी मजबूत होगी, समाज उतना ही सुरक्षित और मजबूत बनेगा।
खाकी की कलाई पर राखी… और बेटियों के मन में सुरक्षा का भरोसा!
‘राखी विद खाकी’ ने दिया संदेश—पुलिस है तो बेटियों की सुरक्षा का विश्वास है।


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