40 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड एक सप्ताह में होगा शुरू, SNCU का भी होगा विस्तार; लापरवाही पर अफसरों को दो टूक चेतावनी
फर्रुखाबाद/ जिला अस्पताल स्थित लोहिया महिला अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अचानक अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीएम ने वार्डों का निरीक्षण करते हुए मरीजों को मिल रही सुविधाओं की हकीकत परखी। जहां जरूरी व्यवस्थाओं में कमी मिली, वहीं उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने 40 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड एक सप्ताह के भीतर शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति नहीं होती, तब तक अस्पताल की मौजूदा पीडियाट्रिक टीम की मदद से वार्ड का संचालन कराया जाए, ताकि बच्चों के उपचार में किसी तरह की परेशानी न हो।
नवजातों की बढ़ती संख्या पर SNCU के विस्तार के निर्देश
SNCU में निर्धारित 12 बेड से अधिक नवजात भर्ती मिलने पर डीएम ने क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। नवजातों के बेहतर उपचार के लिए फोटोथेरेपी और सी-पैप समेत आवश्यक उपकरण डीएमएफ से उपलब्ध कराने को कहा गया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि संसाधनों की कमी के कारण किसी नवजात के इलाज में बाधा नहीं आनी चाहिए।
गंदगी का ढेर देखकर डीएम का पारा चढ़ा
अस्पताल परिसर में पीडियाट्रिक वार्ड के सामने रैन बसेरा के पास गंदगी का ढेर देखकर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को फोन कर सफाई व्यवस्था को लेकर फटकार लगाई। प्रतिदिन कूड़ा उठाने, पर्याप्त डस्टबिन रखने तथा लापरवाही बरतने वाले वेंडर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
ऑपरेशन थियेटर में ताला देख अफसरों से मांगा जवाब
निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन थियेटर में ताला लगा मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय से जवाब तलब किया। अस्पताल में हाल ही में तैनात किए गए दो सर्जनों के अभी तक ज्वाइन न करने की जानकारी मिलने पर डीएम ने उन्हें तत्काल मौके पर बुलाने के निर्देश दिए, ताकि ऑपरेशन की सुविधाएं जल्द शुरू हो सकें।
‘मरीजों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार, साफ-सफाई और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिली तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में दिनभर हलचल बनी रही। अब देखना यह है कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सख्त निर्देश जमीन पर कितनी तेजी से अमल में आते हैं।


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