नौकरी छोड़ राजनीति में उतरे भाजपा नेता की गांव-गांव सक्रियता ने बढ़ाई चर्चाएं, 193 में दावेदारी को लेकर सियासी गलियारों में हलचल
अमृतपुर। अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनाव को लेकर सियासी तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। भाजपा में टिकट के संभावित दावेदारों को लेकर चर्चाओं के बीच युवा नेता अवनीश शाक्य की सक्रियता ने क्षेत्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। लगातार जनसंपर्क, ग्रामीणों से संवाद और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के चलते उनका नाम अब क्षेत्र की चुनावी चर्चाओं में प्रमुखता से लिया जा रहा है।
अवनीश शाक्य लगातार गांव-गांव पहुंचकर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। समर्थकों के मुताबिक जनता के सुख-दुख में शामिल होना और क्षेत्र की समस्याओं को करीब से समझना उनकी राजनीतिक सक्रियता का अहम हिस्सा बन गया है। यही वजह है कि उनके समर्थक इसे आगामी चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देख रहे हैं।
अभियंता की नौकरी छोड़ी, जनसेवा को बनाया रास्ता
अवनीश शाक्य की राजनीतिक यात्रा को लेकर क्षेत्र में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि उन्होंने परमाणु एवं ऊर्जा विभाग में अभियंता की नौकरी करने के बाद जनसेवा और सक्रिय राजनीति का रास्ता चुना। नौकरी छोड़ने के बाद से वह लगातार सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में नजर आ रहे हैं।
उनकी सक्रियता का असर शाक्य समाज के बीच भी दिखाई देने की चर्चा है। समाज के लोगों से लगातार संपर्क और कार्यक्रमों में भागीदारी के चलते उनके समर्थक इसे मजबूत सामाजिक आधार के रूप में देख रहे हैं। हालांकि उनकी कोशिश केवल एक समाज तक सीमित नहीं दिखाई दे रही। क्षेत्र के अन्य वर्गों के लोगों के बीच भी उनका संपर्क बढ़ रहा है।
राजनीतिक विरासत के साथ खुद की पहचान बनाने की कवायद
अवनीश शाक्य राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता की भी क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय पहचान रही है। अब वह खुद जनता के बीच लगातार मौजूद रहकर अपनी अलग राजनीतिक पहचान मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं।
अमृतपुर की राजनीति में फिलहाल भाजपा के कई संभावित दावेदार अपने-अपने स्तर पर सक्रिय हैं। ऐसे में अवनीश शाक्य की लगातार बढ़ती गतिविधियां पार्टी के भीतर और बाहर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। समर्थकों का दावा है कि उनका बढ़ता जनसंपर्क आने वाले समय में उन्हें मजबूत दावेदारों की कतार में खड़ा कर सकता है।
193 में किसके सिर सजेगा टिकट का ताज?
अमृतपुर विधानसभा-193 में भाजपा का टिकट किस चेहरे को मिलेगा, इसका फैसला पार्टी संगठन और शीर्ष नेतृत्व को करना है। अभी किसी नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगी है। लेकिन जिस तरह अवनीश शाक्य लगातार जनता के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं, उससे चुनावी चर्चाओं में उनका नाम जरूर तेजी से उभर रहा है।
फिलहाल अमृतपुर की सियासत में असली मुकाबला केवल दावेदारी का नहीं, बल्कि कौन जनता के बीच कितनी मजबूत पकड़ बना पाता है, इसे लेकर भी माना जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में अवनीश शाक्य की सक्रियता और उनका बढ़ता जनसंपर्क भाजपा की चुनावी तस्वीर में कितना असर डालता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।


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