कहीं पांच तो कहीं सवा छह फीट ऊंची प्रतिमाएं हुईं स्थापित, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुआ गणेश महोत्सव; विसर्जन की तारीखें भी तय
अमृतपुर/ फर्रुखाबाद/ गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर अमृतपुर क्षेत्र पूरी तरह गणपति भक्ति में रंग गया है। ठाकुरद्वारा के प्राचीन धार्मिक स्थल से लेकर मुझहा और करनपुर दत्त तक गांव-गांव गणपति बप्पा की प्रतिमाओं की स्थापना के साथ धार्मिक आयोजनों का सिलसिला शुरू हो गया। ढोल-नगाड़ों और गणपति बप्पा के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से प्रथम पूज्य भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
ठाकुरद्वारा में दो स्थानों पर विराजे गणपति
प्राचीन ठाकुरद्वारा में श्री प्रथम पूज्य गणेश समिति की ओर से करीब पांच फीट ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। आचार्य देव अग्निहोत्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधि-विधान से पूजा संपन्न कराकर गणपति बप्पा को विराजमान कराया। प्रतिमा स्थापना के दौरान श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और पूजा-अर्चना में भाग लिया। समिति के अनुसार प्रतिमा का विसर्जन 22 सितंबर को किया जाएगा।
इसी क्रम में ठाकुरद्वारा स्थित हनुमान प्रतिमा के समीप श्री सिद्धि विनायक समिति की ओर से करीब छह फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की गई। आचार्य देव अग्निहोत्री ने मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजन कराया। यहां भी स्थापना के दौरान भक्तों में खासा उत्साह दिखाई दिया। समिति ने बताया कि गणेश प्रतिमा का विसर्जन 25 सितंबर को किया जाएगा।
मुझहा में भी घर और गांव में विराजे गणपति
ग्राम मुझहा में भी गणेश महोत्सव को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। नंदकिशोर मिश्रा के आवास पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। इसके साथ ही समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से एक अन्य गणेश प्रतिमा की स्थापना भी की गई। पूजा-अर्चना के दौरान ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और गणपति बप्पा से परिवार एवं गांव की खुशहाली की प्रार्थना की।
आयोजन में भूरे यादव, राघव मिश्रा, बलराम यादव, रेशमपाल यादव, दीपू मिश्रा, कमलेश यादव, पप्पू श्रीवास्तव, गोपाल मिश्रा, पवीन मिश्रा, शिशुपाल यादव और लालमनि मिश्रा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों का सहयोग रहा।
करनपुर दत्त में फूलमती माता मंदिर परिसर बना गणपति दरबार
ग्राम करनपुर दत्त में भी गणेश महोत्सव की धूम देखने को मिली। यहां समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से फूलमती माता मंदिर परिसर में करीब सवा छह फीट ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद गणपति बप्पा को विराजमान कराया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के समक्ष माथा टेककर सुख-शांति, समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। आयोजन समिति के अनुसार प्रतिमा का विसर्जन 24 सितंबर को किया जाएगा।
गांव-गांव शुरू हुआ भक्ति का सिलसिला
गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही अमृतपुर क्षेत्र में धार्मिक आयोजनों का माहौल बन गया है। पूजा स्थलों और मंदिर परिसरों में सुबह-शाम श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी है। जगह-जगह गणपति बप्पा के जयकारों से वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा है। आगामी दिनों में पूजा-अर्चना, धार्मिक कार्यक्रम और विसर्जन को लेकर समितियां तैयारियों में जुटी हैं।
अमृतपुर क्षेत्र में गणपति की अलग-अलग ऊंचाई की प्रतिमाओं के विराजमान होने से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। भक्तों का कहना है कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं और उनकी आराधना से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
गणपति बप्पा मोरया… मंगल मूर्ति मोरया!


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