मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद)। थाना मोहम्मदाबाद क्षेत्र के ग्राम वनपोई में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब खेत में खड़े जामुन के पेड़ पर अंगौछे के सहारे फंदे से लटका 23 वर्षीय युवक का शव मिला। मृतक की पहचान गांव निवासी संतराम वर्मा के पुत्र दुर्वेद्र के रूप में हुई। युवक पिछले दो दिनों से लापता था और परिजन उसकी तलाश में जुटे हुए थे। बुधवार सुबह घास लेकर घर लौट रही मां की नजर जब पेड़ पर लटके बेटे के शव पर पड़ी, तो उनकी चीख निकल गई। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य एकत्र कराए। युवक की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।
घास लेकर लौट रही मां की नजर पेड़ पर लटके बेटे के शव पर पड़ी
जानकारी के अनुसार, वनपोई निवासी संतराम वर्मा का 23 वर्षीय पुत्र दुर्वेद्र पिछले दो दिनों से घर से लापता था। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग पा रहा था। बुधवार सुबह करीब 10 बजे दुर्वेद्र की मां कुशमा देवी खेतों से घास लेकर घर लौट रही थीं। इसी दौरान घनश्याम के खेत में खड़े जामुन के पेड़ पर उनकी नजर पड़ी। पेड़ पर अंगौछे के सहारे बेटे का शव लटका देखकर उनके होश उड़ गए। वह चीखने-चिल्लाने लगीं।
मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य भी घटनास्थल पर पहुंच गए। बेटे का शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को दी।
डायल 112 और थाना पुलिस ने पहुंचकर शुरू की जांच
सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम और मोहम्मदाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी नमूने एकत्र किए, ताकि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।
मौके पर पहुंचे दरोगा अशोक तिवारी ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस युवक की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
धान की खेती और रुपये के लेनदेन को लेकर सामने आई अलग-अलग बातें
युवक की मौत के मामले में धान की फसल और रुपये के लेनदेन से जुड़ी बात भी सामने आई है। मृतक के पिता संतराम के मुताबिक, दुर्वेद्र ने गांव के तिलकराम के तीन बीघा खेत में बटाई पर धान की खेती की थी। फसल की कटाई के बाद धान गांव के ही एक ट्यूबवेल पर रखा गया था। पिता का कहना है कि धान की बिक्री और रुपये नहीं मिलने को लेकर उनका बेटा परेशान था। इस संबंध में उसने शिकायत भी की थी।
वहीं, गांव के ट्यूबवेल मालिक विजय ने इस मामले में अलग जानकारी दी। विजय के अनुसार, दुर्वेद्र धान लदवाकर मोहम्मदाबाद गल्ला मंडी में बेचने गया था, जहां धान 7,200 रुपये में बिका। विजय का कहना है कि खेत की भराई के 2,500 रुपये और गल्ला आढ़ती से पहले ही 5,000 रुपये दिलवाए गए थे।
धान की बिक्री और रुपये के लेनदेन को लेकर सामने आए इन अलग-अलग बयानों के बीच मामले की वास्तविक स्थिति जांच का विषय है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन परिस्थितियों का युवक की मौत से कोई संबंध था या नहीं। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पांच भाइयों में चौथे नंबर पर था दुर्वेद्र
दुर्वेद्र पांच भाइयों में चौथे नंबर पर था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां कुशमा देवी समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस बेटे की तलाश में परिजन दो दिनों से परेशान थे, उसका शव इस हालत में मिलने से परिवार सदमे में है। घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। पूरे गांव में युवक की मौत को लेकर चर्चा होती रही।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होंगे मौत से जुड़े तथ्य
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से नमूने एकत्र कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मौत से जुड़े तथ्यों का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल वनपोई गांव में हुई इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिनों से लापता युवक किन परिस्थितियों में घर से दूर था और उसकी मौत कैसे हुई, इन बिंदुओं पर जांच की जा रही है। धान की फसल और रुपये के लेनदेन को लेकर सामने आई बातों की भी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


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