दूध लेने जा रहे ई-रिक्शा चालक की दर्दनाक मौत, अज्ञात वाहन की टक्कर से उजड़ गया परिवार!

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भतीजे के साथ निकले सोबरन की रास्ते में थम गईं सांसें, तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया; अस्पताल में मचा कोहराम

कायमगंज, फर्रुखाबाद। जिंदगी की गाड़ी चलाकर परिवार का पेट पालने निकले एक ई-रिक्शा चालक की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। दूध लेने जा रहे 50 वर्षीय सोबरन के ई-रिक्शा को अज्ञात वाहन ने ऐसी जोरदार टक्कर मारी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनके साथ मौजूद भतीजा सत्यम भी घायल हो गया। दोनों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने सोबरन को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। पत्नी पिंकी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, वहीं तीन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

मीरपुर गांव के पास हुआ हादसा, अज्ञात वाहन की टक्कर से मची चीख-पुकार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के मदारपुर गांव निवासी सोबरन (50) अपने भतीजे सत्यम के साथ ई-रिक्शा से शमशाबाद थाना क्षेत्र के फरीदपुर गांव दूध लेने जा रहे थे। दोनों कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर जा रहे थे। बताया जाता है कि टेढ़ीकोन से आगे मीरपुर गांव के सामने पहुंचते ही एक अज्ञात वाहन ने उनके ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सोबरन और सत्यम घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

अस्पताल पहुंचते ही टूटी सांसों की उम्मीद, डॉक्टर ने मृत घोषित किया

हादसे की सूचना पर पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से एंबुलेंस के जरिए दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर विपिन ने परीक्षण के बाद सोबरन को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल सत्यम का उपचार किया जा रहा है। सोबरन की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। जिस परिवार को उम्मीद थी कि सोबरन रोज की तरह घर लौटेंगे, वहां उनकी मौत की खबर ने सबको झकझोर कर रख दिया।

पत्नी की आंखों के सामने छाया अंधेरा, तीन मासूम बच्चों का कौन बनेगा सहारा?

सोबरन की मौत की खबर मिलते ही पत्नी पिंकी और परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल पहुंच गए। पति का शव देखकर पत्नी बदहवास हो गई और परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। सोबरन ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मेहनत से ही घर का खर्च चलता था, लेकिन इस हादसे ने परिवार की जिंदगी में ऐसा खालीपन पैदा कर दिया, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

सोबरन अपने पीछे सात वर्षीय बेटी आशिकी, पांच वर्षीय बेटे हर्षित और तीन वर्षीय बेटी वर्षा को छोड़ गए हैं। अभी इन बच्चों की उम्र ही क्या है, जब उन्हें पिता के साये और सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तभी नियति ने उनसे यह सहारा छीन लिया। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालने वाले सोबरन की मौत से परिजनों के सामने भविष्य को लेकर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, अज्ञात वाहन की तलाश

हादसे के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए सोबरन के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे में शामिल अज्ञात वाहन के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाले हादसों के गंभीर परिणामों की ओर ध्यान खींचा है। एक हादसे ने न केवल परिवार के कमाऊ सदस्य की जान ले ली, बल्कि तीन छोटे बच्चों के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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