देश में बढ़ती बेरोज़गारी, जो लाखों युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़े कर रही है।
पढ़े-लिखे युवा नौकरी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर
डिग्री के बावजूद रोजगार के अवसर सीमित
सरकार की योजनाओं पर उठ रहे सवाल
देश में शिक्षा का स्तर लगातार बढ़ रहा है,
लेकिन रोजगार के अवसर उसी गति से नहीं बढ़ पा रहे हैं।
हर साल लाखों युवा पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तलाश में निकलते हैं,
लेकिन उन्हें सफलता मिलना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा है।
बेरोज़गारी की समस्या अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है,
बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
युवा वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित है,
जहां डिग्री होने के बावजूद नौकरी मिलना एक बड़ी चुनौती बन चुका है।
उसी को देखते हुए काँग्रेस के युवा नेता युवा दिलों की धड़कन जुनैद मम्मा व पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के बेटे उमर खुर्शीद के द्वारा 4 मई को क़ायमगंज के ग्राम पितौरा में रोज़गार मेले का आयोजन किया गया है जिसमे दिल्ली नोएडा की बडी बडी कंपनियाँ सीधी भर्ती कर रोज़गार देने का काम करेगी जिससे ग्रामीण क्षेत्रो में के युवाओं को रोजगार मिलेगा अगर बात करे जुनैद मम्मा व उमर खुर्शीद की तो दोनों की सोच लोग सराह रहे है और जमकर तारीफ़ कर रहे हैं क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र का युवा पड़ लिख कर भी वो गाँव मे ही सीमित हो कर रह जाता हैं जिससे गाँव का विकास नही हो पाता है तो इन्ही सब पैरों में पड़ी बेड़ियों को तोड़ने का काम जुनैद मम्मा ने किया है फिलहाल आप देख रहे है तस्वीर न्यूज़ चैनल से क़ायमगंज संवाददाता अयान खान की ये ख़ास रिपोर्ट।


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