कायमगंज/फर्रुखाबाद
कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पितौरा निवासी एक विवाहिता ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता का कहना है कि उसने अपने जेठ द्वारा छेड़छाड़, ससुराल पक्ष द्वारा मारपीट, दहेज प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी की शिकायत कई बार पुलिस अधिकारियों से की, लेकिन आज तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं और पूरा परिवार लगातार भय के साए में जी रहा है।
पीड़िता चांदनी पत्नी तारिक उर्फ अमन ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल सहित पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्रों में बताया कि उसका विवाह वर्ष 2021 में हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे। आरोप है कि जेठ, जेठानी तथा अन्य परिजन बार-बार कार सहित अतिरिक्त दहेज की मांग करते थे और मांग पूरी न होने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की जाती थी।
पीड़िता का आरोप है कि जब उसका पति रोजगार के सिलसिले में दिल्ली चला जाता था, तभी जेठ उस पर गलत नजर रखता था। उसने आरोप लगाया कि 30 मार्च 2024 की रात पति की गैरमौजूदगी में जेठ घर में घुस आया और उसके साथ अश्लील हरकतें करते हुए जबरन संबंध बनाने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। अगले दिन पति के आने पर मामले की जानकारी दी गई, लेकिन आरोपियों ने उल्टा गाली-गलौज कर विवाद बढ़ा दिया।
इसके बाद 2 अप्रैल 2024 की रात फिर से कई ससुरालीजन कथित रूप से घर में घुस आए और पीड़िता के साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि उसे जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे तो उसकी जान बच सकी। बाद में पुलिस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज भेजा, जहां से हालत गंभीर होने पर डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि चिकित्सकीय परीक्षण कराने में भी उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बाद उसने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत में भी उसने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण आरोपी लगातार उसे और उसके पति को रास्ते में रोककर धमका रहे हैं तथा शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
पीड़िता का कहना है कि वह लगातार इंसाफ के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर मामला गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उसका आरोप है कि संबंधित थाना पुलिस और इंस्पेक्टर द्वारा उसकी शिकायत पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे वह स्वयं और उसका परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक और उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा लंबित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की है।


+ There are no comments
Add yours