उन्नाव की साइबर क्राइम थाना पुलिस और कोतवाली सदर ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए संगठित तरीके से साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले 6 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 9 हाई-टेक स्मार्टफोन बरामद किए हैं। इतना ही नहीं, ठगी के पैसों का लेन-देन करने वाले संदिग्ध बैंक खातों पर भी शिकंजा कसते हुए उनमें जमा एक लाख रुपये को फ्रीज करा दिया गया है।
पुलिस की पूछताछ और जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। यह गिरोह एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल के जरिए साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। ये आरोपी एक चेन बनाकर काम करते थे। लोगों को चेक, कैश और यूपीआई के जरिए झांसा देकर ‘म्यूल खातों’ (Mule Accounts) के जरिए पैसों को निकाला जाता था, जिसे बाद में ये आपस में बांट लेते थे।
इस पूरे मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने धारा 318(4) और 61 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। उप-निरीक्षक सुभाषचंद्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बैंक स्टेटमेंट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कड़ी मशक्कत के बाद इन 6 आरोपियों को दबोचा है।
आकाशदीप सोनी (29 वर्ष) – कलेक्टरगंज, उन्नाव।
संदर्भ कुमार (38 वर्ष) – आवास विकास कालोनी, दही, उन्नाव।
फैजान अशरफ (35 वर्ष) – जेर खिड़की, कोतवाली सदर, उन्नाव।
नीरज कुशवाहा (35 वर्ष) – रानीपुर, असोहा, उन्नाव।
सोम तिवारी (30 वर्ष) – आवास विकास कालोनी, दही, उन्नाव।
अभिज्ञान चौधरी उर्फ आर्यन (28 वर्ष) – नई बस्ती, बक्शी का तालाब, लखनऊ।
फिलहाल पुलिस अन्य संदिग्ध खातों को भी खंगाल रही है। अधिकारियों का साफ कहना है कि साइबर ठगों के खिलाफ यह अभियान उन्नाव पुलिस का लगातार जारी रहेगा। साइबर अपराध से सतर्क रहें और किसी भी संदेहास्पद ट्रांजेक्शन की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
तस्वीर न्यूज के लिए उन्नाव से संवाददाता -हरिकृष्ण शुक्ल की खास रिपोर्ट


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