फर्रुखाबाद में कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में खेत के रास्ते को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने क्षेत्रीय लेखपाल और उसके सहयोगी पर 70 हजार रुपये मांगने, धमकाने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बराबिकू गांव निवासी गीता देवी ने बताया कि उनके पति वृजनंदन लाल (50) के खेत से रास्ता निकालने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। गीता देवी का आरोप है कि रविवार सुबह क्षेत्रीय लेखपाल अपने एक सहयोगी के साथ उनके गांव पहुंचे।
आरोप के अनुसार, लेखपाल और उसके सहयोगी ने खेत से रास्ता निकालने के लिए 70 हजार रुपये की मांग की। रुपये न देने पर उन्होंने जबरन रास्ता निकालने की धमकी दी। विरोध करने पर पति वृजनंदन लाल के साथ अभद्रता की गई और उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया गया। गीता देवी के मुताबिक, इस घटना से उनके पति सदमे में आ गए और उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मृतक के भतीजे आदित्य प्रताप ने डायल-112 पर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक किसान वृजनंदन लाल के परिवार में दो पुत्र आर्यन और युग, तथा दो पुत्रियां कशिश और प्रतीक्षा हैं।
इस संबंध में उप जिलाधिकारी अभिषेक वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित लेखपाल उक्त गांव में हादसे में एक भैंस की मौत के मामले में जांच के लिए गई थी, तभी उन्हें पता लगा कि गांव में मृतक पक्ष द्वारा अवैध निर्माण किया जा रहा है, वह मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य के लिए रोका। और कहा कि पहले आराजी की पैमाइश करा लो, जिससे कि अवैध निर्माण न हो सके, क्योंकि वहां से चकरोड निकला हुआ है।
एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि लेखपाल पर लगाए गए आरोपों की गहनता से जांच कराई जा रही है। यदि तथ्य सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।
प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। कहा कि तहरीर मिलने पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


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