बाढ़ ने गन्ना किसानों की कमर तोड़ी, 606 हेक्टेयर फसल तबाह!

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बाढ़ ने गन्ना किसानों की कमर तोड़ी, 606 हेक्टेयर फसल तबाह!

तराई क्षेत्र में खेत बने पानी का समंदर, चीनी मिल की रिकवरी पर भी संकट; 16 नवंबर से पेराई शुरू कराने की तैयारी

कायमगंज/तराई क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने गन्ना किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। सिनौली, गांडुआ, महमदियापुर, भुक्सा और चौखड़िया समेत आसपास के गांवों में बाढ़ के पानी से करीब 606 हेक्टेयर गन्ने की फसल पूरी तरह बर्बाद होने की बात सामने आई है। फसल के बड़े पैमाने पर नुकसान से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, वहीं इसका असर आगामी चीनी मिल के पेराई सत्र और चीनी रिकवरी पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

3,845 हेक्टेयर में खड़ा था गन्ना

द किसान सहकारी चीनी मिल के महाप्रबंधक डॉ. नीरज कुमार वर्मा के अनुसार क्षेत्र में इस वर्ष कुल करीब 3,845 हेक्टेयर गन्ने का रकबा दर्ज किया गया है। इसमें लगभग 2,659 हेक्टेयर पौधा गन्ना और 1,185 हेक्टेयर पेड़ी गन्ना शामिल है। पिछले वर्ष की तुलना में पेड़ी गन्ने का रकबा कम है। ऐसे में बाढ़ से हुए भारी नुकसान ने मिल प्रबंधन की चिंता और बढ़ा दी है।

बाढ़ के कारण खेतों में खड़ी फसल को व्यापक नुकसान हुआ है। इससे गन्ने की उपलब्धता प्रभावित होने के साथ-साथ आगामी सत्र में चीनी की रिकवरी पर भी असर पड़ने की संभावना है। किसानों को अब शासन-प्रशासन से नुकसान का उचित सर्वे और राहत की उम्मीद है।

16 नवंबर से पेराई शुरू कराने की तैयारी

फसल नुकसान के बीच चीनी मिल प्रशासन ने आगामी पेराई सत्र की तैयारियां तेज कर दी हैं। मिल की मशीनरी के रखरखाव और मरम्मत का कार्य अंतिम चरण में बताया जा रहा है। जीएम डॉ. नीरज कुमार वर्मा ने बताया कि 16 नवंबर से पेराई सत्र शुरू कराने के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। शासन से अनुमति मिलते ही पेराई शुरू कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

सर्वे-सट्टा मेले में किसानों की शिकायतों का निस्तारण

किसानों के सर्वे और सट्टे से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए चीनी मिल परिसर में 12 से 19 सितंबर तक सात दिवसीय समिति स्तरीय सर्वे-सट्टा प्रदर्शन एवं आपत्ति निस्तारण मेला लगाया जा रहा है। इसमें किसान अपने गन्ने के सर्वे और सट्टे से संबंधित शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।

प्रभारी मुख्य गन्ना अधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि किसानों की ओर से दर्ज कराई जा रही आपत्तियों और सर्वे-सट्टे से संबंधित खामियों को मौके पर ही दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। मिल के जीएम डॉ. नीरज कुमार वर्मा ने भी किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं और बेहतर संचालन का भरोसा दिलाया।

इस दौरान गन्ना विकास निरीक्षक मोहम्मद शमशेर, प्रमोद बाबू, गन्ना पर्यवेक्षक रुचि यादव, नरेश, अनिल कुमार, पंकज शुक्ला और राजेंद्र बाबू सहित मिल के कर्मचारी मौजूद रहे।

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