कानपुर/कायमगंज। तंबाकू की फर्जी फर्मों के जरिए जीएसटी चोरी और धोखाधड़ी के मामलों में वांछित चल रहे 15 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर को कायमगंज पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और कानपुर में पहचान छिपाकर फल का ठेला लगाकर गुजर-बसर कर रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी रामनरेश मूल रूप से कन्नौज के मोहल्ला छपट्टी का रहने वाला है। उसके खिलाफ कायमगंज कोतवाली में वर्ष 2022 और 2023 के दौरान धोखाधड़ी तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के भी दो मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
कानपुर में बदल लिया था ठिकाना
पुलिस के अनुसार गैंगस्टर एक्ट में नामजद होने के बाद रामनरेश गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने ठिकाने बदलता रहा। आखिरकार उसने कानपुर नगर के पनकी थाना क्षेत्र स्थित काशीराम कॉलोनी, रतनपुर में ठिकाना बना लिया और वहां फल का ठेला लगाने लगा। इससे उसे उम्मीद थी कि पुलिस की नजरों से बचा रहेगा।
मुखबिर से आरोपी के कानपुर में छिपे होने की सूचना मिलने के बाद कायमगंज कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ल, कस्बा चौकी प्रभारी इमरान फरीद और सर्विलांस टीम के उपनिरीक्षक संतकुमार की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम ने रतनपुर स्थित काशीराम कॉलोनी में दबिश देकर रामनरेश को गिरफ्तार कर लिया।
जुबेर खान गैंग से जुड़ा होने का आरोप
पुलिस के मुताबिक रामनरेश जुबेर खान गैंग का सदस्य है। 24 दिसंबर 2025 को दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में जुबेर खान को गैंग का लीडर बनाया गया था। इसी मुकदमे में रामनरेश के अलावा सुखवीर, पुष्पेंद्र, आदेश, मोबिन, तारिफ उर्फ तालिब और पवन मिश्रा समेत कुल आठ लोगों को नामजद किया गया था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलने की बात स्वीकार की है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


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