डीएम अंकुर लाठर ने पेट्रोल पंप एनओसी मामलों की समीक्षा की, लंबित प्रकरणों में मिली विसंगति; एक सप्ताह में निस्तारण के निर्देश

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फर्रुखाबाद। जनपद में प्रस्तावित पेट्रोल पंपों के लिए जारी होने वाले अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लंबित मामलों को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान लंबित प्रकरणों की संख्या को लेकर अधिकारियों और तेल कंपनियों के आंकड़ों में अंतर सामने आने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए तत्काल स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि पेट्रोल पंप एनओसी जारी करने के लिए अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उनके कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार जिले में 35 एनओसी प्रकरण लंबित हैं, जबकि इंडियन ऑयल (आईओसीएल) और भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) के सेल्स ऑफिसर्स ने केवल 22 प्रकरण लंबित होने की जानकारी दी।

दोनों आंकड़ों में अंतर मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित तेल कंपनियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में आवेदक की अब रुचि नहीं है या जो अतिरिक्त दर्ज हैं, उनकी लिखित सूचना अपर जिलाधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी को उपलब्ध कराकर ऐसे प्रकरणों को नियमानुसार निरस्त कराया जाए, ताकि रिकॉर्ड पूरी तरह अद्यतन हो सके।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी लंबित मामलों की एक-एक कर समीक्षा की और कई आवेदकों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। समीक्षा में चार ऐसे प्रकरण सामने आए जिनमें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इंटरसेक्शन संबंधी आपत्ति दर्ज की थी। इस पर जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि इन मामलों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही जिलाधिकारी ने वन विभाग और अग्निशमन विभाग को भी निर्देशित किया कि उनके स्तर पर लंबित सभी एनओसी आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र आवेदकों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

बैठक में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, अपर जिलाधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, पीडब्ल्यूडी के दोनों अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, आईओसीएल एवं बीपीसीएल के सेल्स ऑफिसर्स तथा संबंधित आवेदक मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि एनओसी प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि पेट्रोल पंप स्थापना से जुड़े मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके।

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