भुलसी गांव निवासी इन्द्रजीत ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलिहाबाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इन्द्रजीत की पत्नी सुभाषिनी की नसबंदी 19 जुलाई 2024 को डॉ. मोनिका अग्रवाल ने की थी। नसबंदी के बाद उन्हें प्रमाण पत्र भी दिया गया था। नसबंदी के करीब 8 महीने बाद 28 मार्च 2025 को सुभाषिनी ने एक बच्ची को जन्म दिया। इन्द्रजीत के पहले से ही चार बच्चे हैं। वह परिवार का भरण-पोषण मुश्किल से कर पा रहे हैं। उन्होंने परिवार नियोजन के लिए पत्नी की नसबंदी कराई थी। नसबंदी विफल होने से अब उनके सामने एक और बच्चे के पालन-पोषण की चिंता है। इन्द्रजीत ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक और डॉ. मोनिका अग्रवाल से शिकायत की है। अस्पताल प्रशासन ने मुआवजे की फाइल तैयार करने का आश्वासन दिया है। नसबंदी का रिकॉर्ड ओपीडी/आईपीडी संख्या-61229 है। डॉ. अशोक कुमार के अनुसार ऐसे मामलों में सरकार 30 हजार रुपए का मुआवजा देती है।


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