माफिया अतीक अहमद के बेटे अली की बदली गयी जेल

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माफिया अतीक अहमद के बेटे अली की बदली गयी जेल

मुख्यालय से आया नैनी से झांसी शिफ्ट करने का आदेश

जल्द होगी रवानगी

प्रयागराज। माफिया और बाहुबली रहे अतीक अहमद के बेटे अली का अब नैनी सेंट्रल जेल नहीं रहेगा ठिकाना। शासन ने उसे प्रयागराज से झांसी जेल मे शिफ्ट करने का फैसला लिया है। कोई भी अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं लेकिन सूत्रों की माने तो आदेश आ चुका है और जल्द ही अमल मे लाना है।

अतीक के बेटे अली ने 30 जुलाई 2022 को कोर्ट में किया था सरेंडर। अली के उपर उसी के रिश्तेदार प्रॉपर्टी डीलर जीशान उर्फ जानू से पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। लंबे समय तक फरार रहने के बाद उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद ही उसे नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था।

प्रयागराज मे हुए उमेश पाल हत्याकांड का भी आरोपी है अली। पुलिस का दावा है कि इस घटना की साजिश में वह भी शामिल था। नैनी जेल में रहते हुए ही उसने अपने छोटे भाई असद और परिवार के अन्य लोगों के साथ मिलकर उमेश पाल की हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में उसका बड़ा भाई उमर भी आरोपी है जो की लखनऊ जेल में बंद है। जबकि तीन अन्य आरोपी छोटा भाई असद,पिता अतीक और चाचा अशरफ पहले ही मारे जा चुके हैं।

मामला 17 जून 2025 का है जब अली की बैरक से नकदी बरामद हुई थी। इसके बाद जेल प्रशासन में खलबली मच गई और तत्काल प्रभाव से डिप्टी जेलर कांति देवी और एक हेड वार्डर को निलंबित करना पड़ा था। इस घटना के बाद से अली को हाई सिक्योरिटी बैरक में शिफ्ट कर दिया गया और लखनऊ स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से उसकी निगरानी शुरू हो गई।

अभी हाल में ही नैनी जेल से 127 विचाराधीन कैदियों को जिला जेल शिफ्ट किया गया था। इनमें अतीक अहमद गैंग के कई गुर्गे भी शामिल थे। जेल सूत्रों की माने तो इन्हीं कैदियों के कारण अली को हर तरह की सहूलियत मिलती थी। इनके हटने के बाद उसकी मुश्किलें और बढ़ गईं।

जेल मे कुछ दिन पहले हुयी चेकिंग के दौरान अली अहमद एक वार्डर को नकदी देते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। यह मामला भी उसके ट्रांसफर का बड़ा कारण बना।

अली से पहले भी अतीक गैंग के कई गुर्गों को नैनी जेल से दूसरी जेलों में भेजा जा चुका है। अप्रैल 2025 में राजू पाल हत्याकांड के सजायाफ्ता आबिद पुत्र बच्चा मुंशी उर्फ अनवारुल हक को बागपत जेल, जावेद उर्फ जाबिर पुत्र बचऊ को अलीगढ़ जेल और गुलहसन पुत्र मुख्तार को आगरा जेल भेजा गया था। वहीं,3 मई 2025 को अतीक का करीबी गुर्गा असद कालिया नैनी जेल से कासगंज जेल ट्रांसफर किया गया था। उस पर हत्या का प्रयास,रंगदारी,अवैध खनन और सरकारी कामकाज में बाधा डालने समेत आठ मुकदमे दर्ज हैं।

नकदी बरामदगी,कैदियों का ट्रांसफर और सीसीटीवी निगरानी से साफ है कि शासन अतीक अहमद गैंग पर लगातार शिकंजा कस रहा है। अली अहमद को झांसी जेल शिफ्ट करने का निर्णय और आदेश भी इसी सख्ती का हिस्सा माना जा रहा है।

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