हल्द्वानी की लगभग 85% आबादी नजूल भूमि पर निवास करती है, और वर्षों से यहाँ रह रहे लोगों का अपने घरों और दुकानों पर पूरा हक बनता है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार इन लोगों को मालिकाना हक देने के बजाय उनके मकानों और दुकानों पर लाल निशान लगाकर भय और असुरक्षा का माहौल बना रही है।
हमारी स्पष्ट मांग है —
नजूल भूमि पर रह रहे लोगों को मालिकाना हक दिया जाए।
मालिकाना हक दो — आज दो, अभी दो!
जनता के घरों और रोज़गार पर लाल निशान लगाने वाली यह नीति किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। मकानों और दुकानों पर लाल निशान लगाने वाली सरकार नहीं चलेगी, नहीं चलेगी।


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