राजस्थान में भीलवाड़ा के शास्त्री नगर में हनुमान मंदिर के सामने बकरे के अवशेष पड़े हुए मिले थे, जिसके बाद हिंदू संगठन तांडव करने के लिए सड़क पर उतर गए और सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ़ नारेबाजी करनी शुरु कर दी, पुलिस ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात और जांच जारी की तो CCTV फुटेज में लोकेश खटीक और हेमंत कोली नामक युवक संदिग्ध पाए गये और पुलिस ने जांच में पाया कि लोकेश खटीक और हेमंत कोली बकरों की खाल उतारकर बेचने का कारोबार करते हैं, वह जिस वक़्त बोरों में बकरों की खालें भरकर ले जा रहे थे उसी दौरान वो खाल उनके बोरे से गिरी या फेंकी गई हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया नाम सामने आने पर तांडव समूह का गुस्सा शांत हो गया तुंरत जाम की गई सड़क खाली कर दी गई।
गनीमत रही कि खाल फेंकने वाले लोकेश खटीक और हेमंत कोली नामक व्यक्ति थे, अगर खाल फेंकने वाला मुसलमान होता तो शहर का माहौल ख़राब किया जाता जिसके बाद तांडव समूह अपने मंसूबों में कामयाब हो सकता था। नाम सामने आते ही हिंदू संगठनों के गुंडे वापस अपने अपने घर लौट गए और अब अपनी चिल कर रहे होंगे। ऊपर वाले का एहसान रहा कि आरोपी मुस्लिम नहीं थे।
इस मामले की सफलतापूर्वक जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार कर साज़िश का खुलासा करने वाली कोतवाली टीम को पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने सम्मानित किया।


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