महिला अस्पताल में डीएम की अचानक एंट्री, मचा हड़कंप! वार्ड से एसएनसीयू तक खुली व्यवस्थाओं की पड़ताल

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पीडियाट्रिक स्टाफ की कमी पर सख्ती, एसएनसीयू में संसाधन बढ़ाने के निर्देश; ऑपरेशन थिएटर के बाहर डॉक्टरों की सूची चस्पा करने का आदेश

फर्रुखाबाद/ जिला महिला चिकित्सालय में रविवार को उस समय अस्पताल प्रशासन में हलचल मच गई, जब जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अचानक अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस औचक निरीक्षण में डीएम ने महिला वार्ड, शिशु वार्ड और एसएनसीयू समेत विभिन्न व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, मरीजों को मिलने वाला उपचार, दवाओं की व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज के लिए किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और स्वास्थ्य सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएं।

पीडियाट्रिक वार्ड में स्टाफ की कमी पर तत्काल कार्रवाई

पीडियाट्रिक वार्ड में आवश्यक चिकित्सकीय स्टाफ की कमी का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने शासन को तत्काल मांग पत्र भेजकर आवश्यक स्टाफ की तैनाती कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नई तैनाती होने तक उपलब्ध पीडियाट्रिशियन स्टाफ के सहयोग से बच्चों और नवजातों के उपचार की व्यवस्था किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

एसएनसीयू में संसाधनों की कमी दूर करने के निर्देश

गंभीर नवजात शिशुओं के उपचार के लिए संचालित एसएनसीयू का भी डीएम ने निरीक्षण किया। यहां उपलब्ध संसाधनों और उपचार व्यवस्था की जानकारी लेते हुए उन्होंने आवश्यक संसाधनों की कमी को दूर करने के निर्देश दिए। गंभीर नवजातों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके, इसके लिए जरूरी संसाधनों की आपूर्ति विवेकाधीन कोष से कराने के निर्देश भी दिए गए।

ऑपरेशन थिएटर के बाहर लगेगी डॉक्टरों की सूची

निरीक्षण के दौरान ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था में पारदर्शिता पर भी जिलाधिकारी ने विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि ऑपरेशन थिएटर के बाहर सर्जरी करने वाले चिकित्सकों की रोस्टर के अनुसार सूची चस्पा की जाए। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि किस दिन कौन चिकित्सक सर्जरी के लिए जिम्मेदार है।

साफ-सफाई से लेकर डॉक्टरों की मौजूदगी तक पर नजर

डीएम ने अस्पताल की साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टाफ की उपस्थिति और मरीजों को समय से उपचार मिलने की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर वातावरण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि मरीजों की समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।

औचक निरीक्षण के जरिए डीएम ने साफ संदेश दिया कि जिला महिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में लापरवाही अब नहीं चलेगी और मरीजों को बेहतर इलाज दिलाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

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