डॉ. युवराज सिंह की पहल बनी बाढ़ प्रभावितों के लिए बड़ी राहत, सुपर स्पेशलिस्ट मेडिकल कैंप में उमड़ी मरीजों की भीड़
फर्रुखाबाद/इमादपुर बाढ़ की मार से जहां ग्रामीणों की जिंदगी अस्त-व्यस्त है और अस्पताल तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं, वहीं ऐसे मुश्किल दौर में इमादपुर सोमवंशी में आयोजित निःशुल्क सुपर स्पेशलिस्ट मेडिकल कैंप ने जरूरतमंदों को बड़ी राहत पहुंचाई। डॉ. युवराज सिंह की पहल पर आयोजित इस विशाल स्वास्थ्य शिविर में 1200 से अधिक मरीजों ने पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा का लाभ उठाया।
बाढ़ के चलते आवागमन प्रभावित होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के सामने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर भी परेशानी खड़ी हो गई है। ऐसे समय में मेडिकल कैंप के माध्यम से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को गांव तक पहुंचाना लोगों के लिए किसी राहत से कम नहीं रहा। शिविर में बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दूर-दराज के ग्रामीणों ने पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लिया।
मेडिकल कैंप में मरीजों की जांच के साथ उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझते हुए चिकित्सकों ने आवश्यक परामर्श और उपचार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी से साफ नजर आया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में इस तरह की स्वास्थ्य सेवाओं की कितनी जरूरत है।
बाढ़ के बीच सेवा का संकल्प, गांव में पहुंचा इलाज
आमतौर पर गंभीर बीमारी या विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श के लिए ग्रामीणों को दूर स्थित अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। लेकिन बाढ़ के कारण जब रास्ते ही मुश्किल हो गए हों, ऐसे में गांव में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम का पहुंचना लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।
डॉ. युवराज सिंह की पहल का उद्देश्य यही रहा कि स्वास्थ्य सुविधा से कोई व्यक्ति केवल इसलिए वंचित न रह जाए कि वह बाढ़ के कारण अस्पताल तक नहीं पहुंच पा रहा है। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को उनके क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
शिविर में 1200 से अधिक मरीजों का पहुंचना इस बात का संकेत रहा कि ग्रामीण इलाकों में समय-समय पर ऐसे स्वास्थ्य शिविरों की आवश्यकता है। मरीजों और उनके परिजनों ने भी इस पहल को राहत देने वाला कदम बताते हुए सराहना की।
‘मरीज अस्पताल तक नहीं पहुंच सकता तो सेवा मरीज तक पहुंचेगी’
डॉ. युवराज सिंह की पहल का संदेश स्पष्ट रहा कि जनसेवा केवल सामान्य परिस्थितियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आपदा और संकट के समय जरूरतमंदों तक पहुंचकर उनकी मदद करना ही वास्तविक सेवा है।
इमादपुर सोमवंशी में आयोजित मेडिकल कैंप ने बाढ़ के बीच इंसानियत और जनसेवा की एक मिसाल पेश की। स्वास्थ्य सेवा के इस प्रयास से ग्रामीणों को न केवल चिकित्सकीय परामर्श मिला, बल्कि मुश्किल समय में उनके साथ खड़े होने का भरोसा भी मिला।
बाढ़ की कठिन परिस्थितियों के बीच 1200 से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने वाली इस पहल की क्षेत्र में चर्चा रही। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे प्रयास जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं और इन्हें आगे भी जारी रखा जाना चाहिए।


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