गोगाजी महाराज के मेले में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालु, गगनचुंबी निशानों ने खींचा ध्यान—झुकाकर निकालने पड़े भारी निशान, बिजली विभाग की व्यवस्था पर उठे सवाल
फर्रुखाबाद/फतेहगढ़/श्री जाहरवीर गोगा जी महाराज के मेले में शनिवार को आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा फतेहगढ़ गोगाजी महाराज, ज्वाला जी और गुरु गोरखनाथ के जयकारों से गूंज उठा। अलग-अलग क्षेत्रों से सजे-धजे 92 भव्य निशान लेकर श्रद्धालु मेले में पहुंचे। चांदी के मुकुट, चांदी की लड़ियां, सिक्के, देवी-देवताओं के चित्र, रंग-बिरंगे फूल, बेला की कलियां और मोर पंखों से सजे गगनचुंबी निशान आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। महिलाओं और बच्चों ने भी श्रद्धा और उत्साह के साथ मेले में भागीदारी की।
दोपहर करीब 12 बजे मंदिर के संस्थापक एवं मुख्य अतिथि सुनील गेराज ने शोभायात्रा का शुभारंभ किया। इसके बाद श्रद्धालु अपने-अपने निशान लेकर मेले की ओर रवाना हुए। जैसे-जैसे निशान मेले में पहुंचते गए, वातावरण भक्तिमय होता चला गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और गोगाजी महाराज से सुख-समृद्धि की कामना की।
कई जिलों से निशान लेकर पहुंचे श्रद्धालु
मेले में केवल फर्रुखाबाद ही नहीं, बल्कि कन्नौज, हरदोई, गुरसहायगंज, कमालगंज, छिबरामऊ, नवाबगंज, अलीगंज और राजा का रामपुर समेत आसपास के कई क्षेत्रों से श्रद्धालु निशान लेकर पहुंचे। फतेहगढ़ कोतवाली रोड पर निशान रखे गए। वहीं सीएमओ कार्यालय के बाहर स्थित मंदिर में दिनभर पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मेले में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक दिखाई दी। सुबह से शुरू हुआ भीड़ का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूबा नजर आया।
भारी निशानों के सामने बिजली की बंच लाइन बनी आफत
मेले की भव्यता के बीच बिजली विभाग की व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े हुए। मुख्य अतिथि सुनील गेराज ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। उनका कहना था कि कोतवाली के बाहर सड़क के ऊपर से गुजर रही बिजली विभाग की दो बंच लाइनें हर वर्ष मेले से पहले हटाई जाती थीं, लेकिन इस बार इन्हें नहीं हटाया गया।
इसका खामियाजा निशान लेकर पहुंच रहे श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ा। भारी-भरकम और ऊंचे निशानों को बिजली की लाइनों के नीचे से निकालने के लिए कई स्थानों पर उन्हें झुकाना पड़ा। श्रद्धालुओं का कहना था कि धार्मिक आस्था से जुड़े निशानों को इस तरह झुकाकर निकालना परेशानी के साथ-साथ धार्मिक मर्यादा का भी विषय बन गया। मुख्य अतिथि ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में मेले से पहले बिजली की लाइनों को व्यवस्थित ढंग से हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
सुरक्षा के लिए बंद रही बिजली आपूर्ति, पुलिस ने संभाला मोर्चा
मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। सीओ सिटी अभय कुमार वर्मा सहित पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग की विद्युत आपूर्ति बंद रखी गई। वहीं पुलिस ने रूट डायवर्जन कर यातायात व्यवस्था को संभाला, जिससे मेले के दौरान भीड़ और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके।
श्रद्धालुओं पर हुई पुष्पवर्षा, जलपान से किया स्वागत
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए भी जगह-जगह व्यवस्थाएं की गई थीं। आदर्श पटेल ने अपने प्रतिष्ठान पर श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था की। इससे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया।
रात तक विभिन्न स्थानों से निशान लेकर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। मेला कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं और आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों को फूलमाला और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में संरक्षक श्याम कुमार वाल्मीकि, महामंत्री दिनेश देशमुख, सुमित, संदीप कुमार, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार, विशाल कुमार, विकास, रंजीत, श्रीकृष्ण चौधरी, स्वदीप कुमार, अनिल कोतवाल, रतन कोतवाल, विजय चौधरी, राकेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
आस्था, भक्ति और उल्लास से सराबोर मेले में देर रात तक जयकारे गूंजते रहे। हालांकि ऊंचे निशानों के मार्ग में बिजली की बंच लाइनें बाधा बनने का मुद्दा पूरे आयोजन के दौरान चर्चा में रहा। श्रद्धालुओं और आयोजकों ने उम्मीद जताई कि अगले वर्ष प्रशासन और बिजली विभाग पहले से बेहतर समन्वय कर इस समस्या का स्थायी समाधान करेंगे।


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