रकाबगंज में सड़क पर करीब एक घंटे बेहोश पड़ी रही 55 वर्षीय रेशमा, राहगीरों ने दी मदद; नाबालिगों के ई-रिक्शा चलाने और बेलगाम रफ्तार पर उठे सवाल
फर्रुखाबाद/ मऊदरवाजा थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा चालकों की बेलगाम रफ्तार का एक और मामला सामने आया है। शाम रकाबगंज स्टेट बैंक के पास तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने सड़क पार कर रही 55 वर्षीय महिला को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में महिला सड़क पर गिरकर बेहोश हो गईं। टक्कर के बाद चालक ई-रिक्शा लेकर मौके से फरार हो गया। करीब एक घंटे तक महिला अचेत हालत में सड़क किनारे पड़ी रहीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ई-रिक्शा बीबीगंज की ओर से तेज गति से आ रहा था, जबकि महिला तिकोना चौकी की तरफ जा रही थीं। अचानक ई-रिक्शा ने महिला को टक्कर मार दी। हादसा होते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। राहगीरों ने महिला को सड़क से उठाकर पास की दुकान के समीप लिटाया और पानी के छींटे मारकर होश में लाने का प्रयास किया।
कुछ देर बाद महिला को होश आया तो उन्होंने अपना नाम रेशमा बताया, लेकिन हालत बिगड़ने के कारण वह दोबारा बेहोश हो गईं। इसी बीच वहां से गुजर रहे मायके के एक पड़ोसी ने महिला को पहचान लिया। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल रेशमा को अपने साथ घर ले गए। घायल महिला की पहचान रेशमा (55), पुत्री गफ्फार, निवासी रकाबगंज खुर्द के रूप में हुई है।
टक्कर मारते ही भाग निकला चालक
प्रत्यक्षदर्शी शारिफ खां ने बताया कि ई-रिक्शा काफी तेज गति में था। महिला को टक्कर लगने के बाद चालक ने रुककर घायल की सुध लेने के बजाय मौके से भागने में ही भलाई समझी। घटना ने एक बार फिर शहर में ई-रिक्शा संचालन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस बोली—तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
मऊदरवाजा थाना प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में अभी तक थाने में कोई लिखित शिकायत या तहरीर नहीं मिली है। शिकायत प्राप्त होने पर मामले की जांच कर आरोपी चालक के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग हाथों में ई-रिक्शा, तेज आवाज में संगीत और रफ्तार ने बढ़ाई चिंता
घटना के बाद स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि रकाबगंज से बीबीगंज तक कई ई-रिक्शा चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं। इतना ही नहीं, कम उम्र के बच्चे भी धड़ल्ले से ई-रिक्शा चलाते नजर आते हैं।
लोगों का आरोप है कि कई ई-रिक्शा में तेज आवाज में संगीत बजाया जाता है और उन्हें आकर्षक ढंग से सजाकर चलाया जाता है। इससे चालक का ध्यान सड़क से भटकने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से अभियान चलाकर ई-रिक्शा चालकों की जांच, नाबालिग चालकों पर कार्रवाई और तेज रफ्तार पर अंकुश लगाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पर लगाम नहीं लगी तो किसी दिन यह लापरवाही किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है।


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